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चुनाव खत्म होते ही पटरी से उतरी पुलिसिंग व्यवस्था

Tue, 28 Mar 2017 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी
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पु‌ल‌िस
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चुनाव खत्म होते ही पटरी से उतरी पुलिसिंग व्यवस्था
रेप और हत्या की वारदातों से सहमा जिला
पुलिस नहीं लगा पा रही अंकुश
बेटियों की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं लोग
चुनाव खत्म होते ही जिले की पुलिसिंग व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सिंगाही में तीन साल की बच्ची के साथ रेप, फूलबेहड़ क्षेत्र में रेप के बाद हत्या कर किशोरी का शव पेड़ से लटकाने और खीरी में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या मामले को अभी लोग भुला भी नहीं पाए थे कि मोहम्मदी इलाके में दो नाबालिग सगी बहनों के साथ रेप और गला रेतकर हत्या मामले से हर कोई सहम गया। लोगबाग अपनी बेटियों को अकेले स्कूल भेजने से भी कतराने लगे हैं। ताबड़तोड़ हुई वारदातों से यह साफ हो गया कि दरिदों में कानून का खौफ नहीं है।
योगी सरकार द्वारा चलाए गए एंटी रोमियो अभियान की गूंज भले ही शहर में रही हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में दरिंदे आज भी बेखौफ हैं। मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दो सगी बहनों के साथ वहशियाना हरकत ने महिला सुरक्षा की कोशिशों की पोल खोल दी है। यह योगी सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिले में 14 मार्च से रेप और हत्या की वारदातों का शुरू हुआ सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे साफ है कि जिले में दरिंदों को कानून का कोई खौफ नहीं है। पुलिस भी बढ़ रहीं इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बना पाई है।
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आरोपी को जेल भेज पुलिस झाड़ लेती है पल्ला 
सिंगाही में तीन साल की बच्ची के साथ हुए रेप का मामला हो चाहेे कई अन्य मामले। खासतौर पर रेप के मामलों को पुलिस पहले छिपाने का प्रयास करती है। जब उसे लगता है कि घटना उजागर हो जाएगी तो वह आरोपी को गिरफ्तार कर रिपोर्ट दर्ज कर लेती। पुलिस आरोपी का चालान कर अपना पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन घटना से सबक लेकर कोई ऐसी कोई ठोस रणनीति नहीं बनाती, जिससे इन घटनाओं पर अंकुश लगा सके। न ही घटना की पड़ताल करती है। सिंगाही में तीन साल की बच्ची के मामले में पुलिस उसे पहले प्राइवेट अस्पताल ले गई, डॉक्टर के हाथ खड़े करने पर सीएचसी फिर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इस मामले को छिपाने के लिए एसओ ने बच्ची के गिरकर चोट लगने की बात कहकर मामले को दबाने का प्रयास किया था। 
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पखवाड़े भर में हुई रेप-हत्या की प्रमुख वारदातें
- 13 मार्च 17: सिंगाही में तीन साल की बच्ची के साथ रेप
- 14 मार्च 17 थाना फूलबेहड़ के गांव में किशोरी की रेप के बाद हत्या, शव पेड़ से लटकाया गया। 
- 15 मार्च 17 खीरी में सात साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या 
- 26 मार्च: मोहम्मदी क्षेत्र में दो सगी बहनों की रेप के बाद गला काटकर हत्या
वर्जन....
महिला अपराधों पर पुलिस काफी गंभीर है। सख्ती से कार्रवाई की जाती है। रेप जैसी घटनाओं पर अंकुश के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। 
दीपेंद्र नाथ चौधरी, एएसपी
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