गंभीर हालत में लाए गए युवक की इमरजेंसी में हुई थी मौत
डॉक्टर ने किया मना, फिर भी वाहन में लादकर ले जा रहे थे शव
रविवार की दोपहर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाए गए एक युवक की मौत हो गई। जिस पर डॉक्टर ने शव को पीएम के लिए मोर्चरी में रखवाने के लिए कहा, लेकिन घर वालों ने उनकी एक न सुनी और शव को जबरन शव वाहन मे लादकर ले जाने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को वाहन से उतरवाकर मोर्चरी में रखवा दिया।
गुलरिया निवासी रामचंद्र रविवार को अपने 35 वर्षीय पुत्र संजय को गंभीर अवस्था में लेकर जिला अस्पताल आए थे। इमरजेंसी में इलाज के दौरान ही संजय की मौत हो गई। मृतक को रेफर्ड एक्सिडेंटल में भर्ती कराया गया था। इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे डॉ. मोहित तिवारी ने शव को मोर्चरी में रखवाने के लिए कहा, लेकिन घरवाले शव को जबरन वाहन में लादकर घर ले जाने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी जब पीएम कराने के लिए कहा, तो घरवाले पीएम न कराने की जिद पर अड़ गए और एसआई से नोक झोंक करने लगे। पुलिस को देेखकर वाहन चालक ने भी जाने से मना कर दिया और वाहन में रखे शव को मोर्चरी में रखवा दिया। हालांकि मृतक के पिता रामचंद्र का कहना था कि संजय लखनऊ में मजदूरी करता था और वहीं चोट लग जाने पर उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, लेकिन अकेले होने के कारण संजय को जिला अस्पताल ले आए जहां उसकी मौत हो गई। वह पीएम कराने के इच्छुक नहीं हैं।