क्षेत्र की दो नाबालिग किशोरियों के अपहरण के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए पीड़ित को ही कोतवाली से भगा दिया। पीड़ित महिलाओं ने इसकी शिकायत एसपी से की है। एक माह पहले अपहृत हुई छात्रा को पुलिस ने बरामद तो कर लिया, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। अपहरणकर्ता अब परिवार वालों को डरा धमका रहे हैं।
धौरहरा कोतवाली के एक गांव निवासी एक विधवा महिला की तीन बेटियां हैं। महिला की छोटी बेटी इंटर की छात्रा है। जमीन के लालच में गांव के ही तीन व्यक्तियों ने उसका उस समय अपहरण कर लिया जब वह खेत में शौच को गई थी। आरोप है कि शिकायत करने पर पहले तो कोतवाली पुलिस ने उसको भगा दिया। इस पर उसने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। उच्चाधिकारियों के दबाव में पुलिस ने छात्रा को एक माह बाद बरामद तो कर लिया, लेकिन मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़ित और उसके परिवार वालों को अपहरणकर्ता डरा धमका रहे हैं।
इसी क्रम में इसी थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी का भी अपहरण पड़ोस के गांव के लोगों ने कर लिया। पीड़ित महिला जब अपनी बेटी की रिपोर्ट दर्ज कराने गई तो कोतवाल ने उनको वहां से भगा दिया। पीड़ित महिला ने बताया कि जब रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर जब वह रिपोर्ट दर्ज कराने गई तब भी कोतवाल ने उसकी एक न सुनी। कोर्ट के आदेश के बवजूद पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पीड़ित महिला ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
धौरहरा कोतवाल रंजीत यादव के अनुसार छात्रा को बरामद करा लिया गया है। व्यस्तता के कारण मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। दूसरे मामले में न्यायालय से अभी कोई आदेश नहीं आया है महिला रोज कोतवाली आती थी। इसलिए उसे जाने को कहा था।