हत्थे नहीं लगे तस्कर, हाथ मलती रह गई पुलिस
धरमापुर जंगल में सूचना पर पहुंची पुलिस ने पशुओं से भरे ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन तस्कर हत्थे नहीं चढ़े। पुलिस ने ट्रक में लदे करीब 60 पशुओं को बरामद कर ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिए हैं।
मझर्गइं रेेंज के वन दरोगा विक्रम सिंह शनिवार रात गश्त पर थे। रात करीब 11 बजे गश्त करते हुए वह धरमापुर जंगल की ओर पहुंचे। वहां पर चहलकदमी के साथ लाइट जलती हुई देखकर उन्हें लगा कि जंगल में लकड़कट्टों की मौजूदगी है, उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जंगल में लोगों की संख्या अधिक देखकर सौ नंबर पर सूचना दी। राघवेंद्र यादव समेत कई पुलिस कर्मी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। पुलिस देख तस्कर ट्रक वहीं छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने ट्रक की पड़ताल की तो उसमें पशु लदे थे। रात में ही ग्रामीणों की मदद से पशुओं बंधनमुक्त कराते हुए ग्रामीणों के सुपुर्द करते हुए ट्रक को कब्जे में ले लिया। प्रभारी निरीक्षक डीसी मिश्रा ने बताया कि मामला जंगल का है। इसलिए डीएफओ खीरी दिव्या ने मामले की जांच करने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रत्येक सप्ताह थाने के हल्का नंबर एक में पशुओं को भरकर ले जाया जाता हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि किसी पुलिस कर्मी का पशु तस्करी में लिप्त होनेे की आशंका है। मामले की जांच कर रिपोर्ट एसपी को भेजी जाएगी।
लावारिस ट्रक में मिले साढ़े तीन दर्जन पशु, दो की मौत
मझगई। वन विभाग ने नौनिया बीट जंगल में लावारिस खड़े ट्रक के अंदर से 41 पशु बरामद किए हैं, जिसमें दो पशुओं की मौत हो चुकी थी। रेंजर ने ट्रक को कब्जे में लेकर पशुओं को ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया है।
वन विभाग के रेंजर राधेश्याम भार्गव, दरोगा विक्रम सिंह दलबल के साथ रात्रि गश्त पर थे। इस दौरान रात में नौनिया बटी के जंगल में एक लावारिस ट्रक खड़ा दिखा। जिसपर रेंजर और स्टाफ ने पास जाकर देखा तो उसमें गोवंशीय पशु भरे हुए थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी थी। आनन-फानन में रेंजर ने पशुओं की गिनती कराई तो 41 पशु मिले। रेंजर ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर पशुओं को ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया। रेंजर राधेश्याम ने बताया कि नौनिया बीट में एक ट्रक खड़ा था जिसके करीब पहुंचते ही चालक और परिचालक भाग गए। तलाशी लेने पर उसमें 43 पशु भरे हुए थे। जिनमें दो की मौत हो चुकी थी। ट्रक को कब्जे में लेकर पशुओं को ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया है जबकि तस्करों की खोज जारी है।