आदिवासी थारू क्षेत्र के गांव जय नगर में वन समिति द्वारा पार्क प्रशासन की खाली पड़ी दस एकड़ भूमि पर कब्जे के दौरान पार्क कर्मियों पर फायरिंग हुई। पार्क कर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग की तो कब्जा करने वाले भाग निकले। उनका हैरो कल्टीवेटर वहीं छूट गया है। पार्क प्रशासन की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।
थारू ग्राम जय नगर में पार्क प्रशासन और वन समिति में दस एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पार्क प्रशासन इस जमीन को अपनी बताता है और वन समिति अपनी। इस पर काफी पहले वन समिति ने कब्जा कर लिया था। जिसे बाद में पार्क प्रशासन ने जुताई कर फसल को नष्ट करा दिया था।
माह जुलाई 2015 को वन समिति ने दोबारा जुताई कर धान के फसल की रोपाई शुरू कर दी थी। जिसका क्षेत्रीय लोगों ने विरोध कर व फसल नष्ट कर जमीन को पार्क की बताकर कब्जा छुड़वा दिया था। आरोप है कि सोमवार को वन समिति के लोगों ने नेपाली नागरिकों के सहयोग से उसी भूमि की दोबारा जुताई शुरू कर दी थी।
सूचना पर पहुंचे दुधवा रेंजर मनोज श्रीवास्तव व उत्तरी सोनारीपुर रेंजर तिलक राम आर्या, वन दरोगा बीबी सिंह, पतिराम सिह, विद्याराम आदि दलबल के साथ पहुंचे और जुताई करने से मना किया। पार्क अधिकारियों के मुताबिक इस पर वन समिति के लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में वन विभाग की टीम ने हवाई फायरिंग कर दी जिससे जुताई कर रहे लोग हैरो, कल्टीवेटर छोड़ कर भाग गए। मामले में पुलिस को कई लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि कब्जा कर रहे लोगों ने फायरिंग की जिसके जवाब में कर्मियों ने हवाई फायरिंग की तो वह सब भाग निकले।