नेपाली रिक्शा चालकों ने एसएसबी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सीमा पर हड़ताल का ऐलान कर नारेबाजी की। वे गौरीफंटा बस अड्डे तक पूर्व की भांति रिक्शा लाने एवं सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों द्वारा आएदिन मारपीट करने के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
करीब डेढ़ दर्जन से अधिक नेपाली रिक्शा चालकों ने शुक्रवार प्रात: सीमा पर अपने रिक्शे आड़े-तिरछे खड़े कर हड़ताल शुरू कर दी। वे नेपाल सीमा पर तैनात भारत के सशस्त्र सीमा बल के जवानों पर अक्सर बेमतलब मारपीट करने एवं गौरीफंटा के बस स्टैंड तक रिक्शा न जाने देने के विरोध में अपनी भाषा में नारेबाजी करने लगे।
इसकी जानकारी जब नेपाल सशस्त्र पुलिस और त्रिनगर पुलिस को हुई तो नेपाल सशस्त्र पुलिस इंचार्ज त्रिनगर अनिल शाही, त्रिनगर पुलिस चौकी इंचार्ज वीके शाही एवं सुरजीत सिंह आदि मौके पर पहुंचे और रिक्शा चालकों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी। इसके बाद वे गौरीफंटा एसएसबी इंचार्ज और कोतवाली प्रभारी से मिले। साथ ही मामला सुलटाने की बात कही। इसके बाद तय हुआ कि शराब पीकर माहौल खराब करने वाले रिक्शा चालक भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे और शेष को गौरीफंटा बस स्टैंड तक जाने की अनुमति रहेगी। करीब तीन घंटे बाद रिक्शा चालकों ने हड़ताल समाप्त कर दी।