मर्डर जैसे संगीन मामले में पसगवां पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आ गई है, जिसमें दो निर्दोष चालक और हेल्पर को जेल भेजकर पुलिस ने अपनी आंखें बंद कर ली थीं। असल मुल्जिमों को पकड़ने के लिए पुलिस प्रयास भी नहीं कर रही थी। अमर उजाला ने 19 अक्तूबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पसगवां पुलिस ने पीड़ित परिवार वालों से बातचीत कर नए सिरे से विवेचना प्रारंभ की। मंगलवार को किशोरी मर्डर केस में पुलिस ने उचौलिया कस्बा निवासी युवक समेत दो लोगों का चालान भेजा है। जबकि इस घटना का मास्टरमाइंड अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक रेप में असफल रहने पर तीनों ने मिलकर किशोरी की हत्या कर दी थी। वहीं इसी मामले में पूर्व में जेल भेजे गए दोनों आरोपियों के विवेचना के दौरान निर्दोष साबित होने की रिपोर्ट कोर्ट भेजने की तैयारी पुलिस कर रही है।
बता दें कि 10 अक्तूबर को कस्बा निवासी 16 वर्षीय किशोरी की खेत में हत्या कर दी गई थी और शव को आधा किमी दूर खेत में डाला गया था। इस मामले में पुलिस ने उसी दिन संदेह के आधार पर ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए एक डीसीएम के हरदोई जिले के निवासी चालक और हेल्पर को हत्या का आरोपी बनाते हुए चालान भेज दिया था। परिवार वालों द्वारा शक जताने के बाद पुलिस ने कस्बा निवासी अफसर अली उर्फ आफीसर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जिसकी निशानदेही पर पुलिस ने गांव सरैंया इब्राहिमपुर निवासी इरफान को हिरासत लेकर पूछताछ की। दोनों ने पूछताछ में किशोरी की हत्या में पुलिस को एक और साथी गांव कठिघरा निवासी लईक का नाम बताया, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। एसओ पसगवां अनिल शाही ने बताया कि उचौलिया निवासी अफसर की इरफान और लईक से दोस्ती थी। घटना वाले दिन जब किशोरी घास काटने गई, तो वह तीनों किशोरी के पीछे-पीछे खेत में पहुंच गए। वहां पर तीनों ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की। किशोरी द्वारा विरोध करने पर तीनों ने मिलकर घास काटने वाली दरांती से उसका गला रेत दिया। इसके बाद मामले को छिपाने के लिए उसकी लाश को करीब आधा किमी दूर गन्ने के खेत में छिपा दिया। इसके बाद तीनों वहां से भाग निकले। पुलिस के मुताबिक अफसर और किशोरी के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। एसओ ने बताया कि इस मामले में पहले जेल भेेजे जा चुके दोनों अभियुक्त विवेचना में निर्दोष पाए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट कोर्ट भेजी जाएगी।
तीनों हत्यारोपी शादीशुदा
किशोरी मर्डर केस के खुलासे में आरोपी बनाए गए तीनों युवक शादीशुदा हैं। अफसर अली की शादी करीब एक साल पूर्व हुई। जबकि अन्य आरोपियों की शादी काफी पहले हो चुकी है, जिसमें लईक के दो बच्चे भी हैं। लेकिन हवस के चलते तीनों युवकों ने किशोरी के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की और विरोध करने पर तीनों ने उसकी हत्या कर दी। कस्बा निवासी अफसर अली पीड़ित परिवार का पड़ोसी है। जबकि सरैंया निवासी इरफान की कस्बा के मजरा रूरा में ससुराल है। तीसरे अभियुक्त और घटना के मास्टरमाइंड लईक की ससुराल गांव कठिघरा में है। कोई पुत्र न होने पर उसके ससुर ने उसे अपने पास रख लिया था। उसकी दो बेटियां भी हैं।