आठ कार और 26 बाइकें हुई हैं बरामद, कई और सनसनीखेज बिंदु आए सामने
नेपाल में बीते माह पुलिस ने भारतीय चोरी की गाड़ियों के गिरोह की तलाश में नेपाल के पुलिसकर्मियों के भी चोरी की गाड़ियां खरीदकर चलाने का मामला प्रकाश में आया है। नेपाल के डीआईजी ने इसके लिए टीम का गठन किया था। फर्जी कागजात बनाकर बिक्री करने में आठ कार व 26 बाइकें बरामद की गई हैं।
माह 15 जुलाई को कंचनपुर जिले में नेपाल पुलिस ने कैलाली जिले के भजनी ग्राम निवासी गोकुल प्रसाद श्रेष्ठ तथा भीमदत्त नगरपालिका (कंचनपुर ) के हिमालय जोशी को पकड़ा था। दोनों लोगों से पूछताछ में हुए खुलासे में नेपाल के पुलिस कर्मियों के भारतीय चोरी की गाड़ियों को खरीदकर चलाने का खुलासा हुआ है। नेपाल के डीआईजी की गठित की गई रीजनल इंवेस्टिगेसन टीम (आरआईटी) ने खुलासे में पाया कि नेपाल पुलिस के एक डीएसपी ने हवलदार के नाम पर गाड़ी खरीद कर चलाना पाया गया है। इसके साथ ही दो इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर, एक सहायक सब इंस्पेक्टर, एक हवलदार सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने भारतीय चोरी की गाड़ियों को खरीद कर चलाना पाया है। पुलिस ने अभी तक फर्जी कागजात बना कर बिक्री करने में आठ लग्जरी कार तथा 26 बाइकें भी बरामद की हैं। इलाका पुलिस कार्यालय टीकापुर के हवलदार के नाम में चोरी की हुंडई क्रेटा कार का भी खुलासा हुआ है। साथ ही कई पुलिस कर्मियों के नाम व उनकी पत्नियों के नाम में चोरी की गाड़ियों का भी खुलासा किया गया है। उधर कंचनपुर जिले के यातायात कार्यालय के चोरी की गाड़ियों में संलिप्त पाये जाने पर नौ अधिकारियों व कर्मचारियों को नेपाल के यातायात मंत्रालय ने निलंबित कर दिया था। नेपाल में पकड़े गए कैलाली जिले के गोकुल प्रसाद श्रेष्ठ चोरी की गाड़ियों का मुख्य योजनाकार है। जबकि हिमालय जोशी भारत के उत्तराखंड के हल्द्वानी में चोरी की गाड़ी में पुलिस की सूची में वांटेड है।
तीन भारतीयों के नामों का भी हुआ खुलासा
भारतीय चोरी की गाड़ियों को नेपाल पहुंचाने में तीन भारतीय वाहन चोर सदस्यों के नामों का भी खुलासा हुआ है। लखीमपुर के जानी खान, आलोक श्रीवास्तव तथा हरप्रीत साहनी हैं, जो कि भारत से चोरी की गाड़ियों को उन तक नेपाल पहुंचाते थे। गत जून माह में अतरिया- कैलाली में आलोक श्रीवास्तव को दो कार हुंडई तथा होंडा सिटी कार सहित पकड़ा था। जिसे नेपाल पुलिस ने लावारिस दिखाते हुए श्रीवास्तव को छोड़ दिया था।