भारत-नेपाल सीमा की कजरिया बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) पर तैनात सब इंस्पेक्टर दीप सिंह सोडा की गुरुवार सुबह पांच बजे उस समय हत्या कर दी गई, जब वह जवानों की पेट्रोलिंग की जांच करने निकले थे। उनके वापस न आने पर तलाश की गई तो सीमा से चार किलोमीटर पहले कजरिया गांव के पास उनका रक्तरंजित शव पड़ा मिला। हत्या के पीछे सीमा पर सक्रिय तस्करों पर भी संदेह जताया जा रहा है। कुछ समय पहले ही दीप सिंह ने सात लाख रुपये का तस्करी का माल भी पकड़ा था।
एसएसबी 39वीं वाहिनी की ए कंपनी के एसआई मोहम्मद जहांगीर ने बताया कि दीप सिंह के चेहरे पर किसी ठोस वस्तु से प्रहार किए गए हैं। नाक पर एक गहरी चोट के साथ चेहरे पर भी कट के कई निशान हैं। नाक से काफी खून भी निकला है। उनकी जेब में मोबाइल आदि सामान सुरक्षित मिला है। लाश के पास में ही किसी अन्य व्यक्ति की एक चप्पल पड़ी पाई गई है। सूचना पर एसएसबी के कमांडेंट, एसपी अखिलेश चौरसिया, सीओ रामासरे और गौरीफंटा के कोतवाल कृष्ण मुुरारी शर्मा मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसएसबी के अधिकारियों के मुुताबिक मृतक एसआई की हत्या से पहले हत्यारों की उनके साथ झड़प हुई है। उनके घरवालों को सूचना दे दी गई है। 49 वर्षीय दीप सिंह गुजरात के जिला मोथाना के रहने वाले थे।
एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि एसएसबी के एसआई की हत्या की गई है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। प्राथमिक विवेचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला कुछ स्पष्ट होगा।