2011 में गोली मारकर की थी चचेरे भाई की हत्या
मामूली विवाद में चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम छोटापुरवा मजरा निजामपुर रामदास निवासी खुशीराम के मकान के पास ही उसके भाई मुरली का मकान बना हुआ है। मुरली की कब्जे वाली जगह पर आम और जामुन के पेड़ लगे है। इसी बीच आंधी तूफान आने से जामुन के पेड़ की डाल टूटकर खुशीराम की भैस पर गिरी थी, जिससे भैस की हड्डी टूट गई थी और उसके इलाज में खुशीराम को खर्च करना पड़ा था।
खुशीराम ने इसी बात पर अपने भाई मुरली को कई बार उलाहना दिया था, साथ ही बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए जामुन का पेड़ काटने को कहा था। कई बार उलाहना देने के बाद भी मुरली ने पेड़ नहीं कटवाया तो सात जून 2011 की शाम आठ बजे खुशीराम के लड़के राजू ने मुरली के लड़के मुन्ना से शिकायत की। आरोप है कि इससे नाराज होकर राजू ने तमंचे से गोली मारकर मुन्ना को मौत के घाट उतार दिया। अदालत में मामला साबित करने के लिए नितिन, एसआई देवेश शुक्ला, डा. एसपी वर्मा और एसआई रामविलास यादव सहित नौ गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने सुनवाई के बाद हत्याभियुक्त राजू को दोषी साबित पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका है।