सदर कोतवाली के गांव गौरतारा में चार ग्रामीणों को सरकारी योजना में पेंशन और भैंस पालन के लिए कर्ज दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पहले से दर्ज मुकदमे में पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान धीरज उर्फ रामखिलावन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रधान ने कई और ग्रामीणों के नाम पर गड़बड़ी की है।
शहर कोतवाल शिवशंभू किशोर जायसवाल ने बताया कि गौरतारा गांव निवासी रामचंद्र, रामअवतार, कुंजी और मलिखे ने प्रधान धीरज पर धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि चारों ग्रामीणों के नाम पर सरकारी योजनाओं से पैसा स्वीकृत कराया गया और रामापुर स्थित एक बैंक से बिना इनकी जानकारी के पैसा निकाल भी लिया गया। रामचंद्र के नाम पर दो किश्तों में क्रमश: 78 हजार और 83 हजार रुपये निकाले गए। जबकि राम अवतार के नाम पर 76 हजार और 80, कुंजी के नाम 1.25 लाख और 1.23 लाख तथा मलिखे के नाम 60 हजार और 63 हजार रुपये निकाल लिए गए। कुंजी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने प्रधान धीरज उर्फ रामखिलावन की तलाश शुरू कर दी है। रामापुर चौकी इंचार्ज विभूति सिंह यादव ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में आरोपी प्रधान को गिरफ्तार कर उसका चालान किया जा रहा है।