दुल्हन के स्वागत में चलाई गई गोली से बालिका की मौत का मामला
पीड़ित पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, एसपी से शिकायत
एसओ बोले-रज्जन ने नहीं बल्कि जंत्री ने मारी थी गोली
थाना क्षेत्र के गांव कटहा में दुल्हन के स्वागत में चलाई गई गोली लगने से बालिका की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है, जिसमें एक और अभियुक्त के नाम का खुलासा करते हुए पुलिस ने उसे ही मुख्य आरोपी बना दिया गया है। इससे घटनाक्रम के क्लाइमेक्स में कई पेच भी पैदा हो गए हैैं। वहीं पुलिस के इस नए खुलासे से मृतक का पिता संतुष्ट नहीं है। उन्होंने पुलिस के दावों पर सवालिया निशान उठाते हुए एसपी से शिकायत की है। जबकि पुलिस ने तीन अभियुक्तों का चालान भेजा है। उधर, एसओ मनोज सिंह ने कहा कि तफ्तीश के दौरान एक नाम उजागर हुआ, जिसने रिवाल्वर से गोली मारी थी।
बता दें कि गांव कटहा में बीते सोमवार को अजय की बारात वापस घर आई थी। दुल्हन के स्वागत की तैयारियां जोरों पर चल रहीं थी। इसी बीच दुल्हन के स्वागत को लेकर वहां पर फायरिंग हुई। फायरिंग में कमलेश की 11 वर्षीय पुत्री कीमती देवी के पेट में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गई। घायल बालिका को लखीमपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतका के पिता कमलेश की तहरीर पर पुलिस ने रज्जन उर्फ राजेंद्र, रिटायर्ड फौजी राजेंद्र सिंह और रामभरोसे के खिलाफ रंजिशन हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने रज्जन उर्फ राजेंद्र और रिटायर्ड फौजी राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान अतरिया निवासी जंत्री प्रसाद के नाम का भी खुलासा करते हुए सबको चौंका दिया है। वादी कमलेश ने बताया कि पुलिस ने रज्जन और रिटायर्ड फौजी राजेंद्र सिंह को सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन तय समय सीमा में चालान नहीं भेजा। इससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैैं, क्योंकि बुधवार को एक नया अभियुक्त शामिल करते हुए उसे ही मुख्य आरोपी बना दिया गया है। एसओ ने तफ्तीश के दौरान अतरिया निवासी जंत्री प्रसाद का नाम उजागर करते हुए उसे ही गोली मारने का मुख्य आरोपी बनाते हुए चालान भेजा है। जबकि वादी कमलेश ने रज्जन उर्फ राजेंद्र पर गोली मारने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में वादी ने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है।
पुलिस को बचाने के लिए लिखी हत्या की रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार यदि किसी थाना क्षेत्र में हर्ष फायरिंग होती है, तो संबंधित थानाध्यक्ष के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। लिहाजा इस बात के कयास लगाए जा रहे हैैं कि दुल्हन के स्वागत के दौरान हुई फायरिंग में बालिका की मौत को हर्ष फायरिंग न मानकर रंजिशन कत्ल की वारदात दर्ज की गई।
हाथ पर निशान का पुलिस ने उठाया फायदा
जंत्री प्रसाद के बेटे पंकज ने बताया कि उसके पापा को तीन दिन पहले चोट लग गई थी, जिसके चलते उनके हाथ पर काला निशान आ गया था। आरोप है कि पुलिस ने उसी निशान का फायदा उठाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
तफ्तीश के दौरान जंत्री प्रसाद का नाम उजागर होने पर रिपोर्ट में उसका नाम बढ़ाया गया। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर तीनों का एक साथ चालान भेजा गया है। वादी की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना में पता चला है कि अभियुक्त रज्जन के उकसाने पर उसके दोस्त जंत्री प्रसाद ने रिटायर्ड फौजी राजेंद्र सिंह के रिवाल्वर से बालिका को गोली मारी थी।
-मनोज सिंह, एसओ निघासन