मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के गांव बंजरिया झाला निवासी किसान जोगेंद्र सिंह के नौ दिन पहले अपहृत पुत्र 17 वर्षीय गुरुविंदर सिंह को थाना मोहम्मदी और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त अभियान में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुशल मुक्त कराने में कामयाबी हासिल की है। साथ ही दो अपहरणकर्ताओं को धर दबोचा है, जिनके कब्जे से वारदात में प्रयोग की गई बोलेरो, मोबाइल और दो तमंचे बरामद हुए हैं। पकड़े गए दोनों अपहरणकर्ता उत्तराखंड के जिला उधमसिंहनगर के थाना दिनेशपुर के गांव मोहनपुर निवासी हैै, जिन्होंने 10 लाख की फिरौती के लिए गुरविंदर सिंह का अपहरण किया था।
17 अगस्त की दोपहर को छात्र गुरुविंदर सिंह को स्कूल से छुट्टी दिलाने के बाद लौटते समय बुलेरो सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद जोगेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। छात्र की बरामदगी के लिए एसपी अरविंद सेन के निर्देशन में मोहम्मदी कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम लगाई गई थी। शुरुआत में अपहरणकर्ताओं की लोकेशन नैनीताल और फिर उधमसिंहनगर में मिली थी। लिहाजा एसपी अरविंद सेन ने पीलीभीत, शाहजहांपुर और उधमसिंहनगर पुलिस से संपर्क साधा था और पुलिस टीम अपहरणकर्ताओं की लोकेशन के आधार पर मुस्तैदी से लगी थी। एसपी अरविंद सेन ने बताया है कि मंगलवार की रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस टीम ने कठिना पुलिया, रेहरिया जंगल (मोहम्मदी क्षेत्र) के पास अपहरणकर्ताओं के कब्जे से छात्र गुरुविंदर सिंह को मुक्त कराने में सफलता हासिल की और दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों अभियुक्त जोगराज सिंह उर्फ जग्गा और शंकर समुदार उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जिले के थाना दिनेशपुर के गांव मोहनपुर के निवासी हैं। दोनों अभियुक्तों के पास से बोलेरो, दो तमंचे और मोबाइल बरामद हुए है। एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अभियुक्त जोगराज सिंह उर्फ जग्गा ने वारदात वाले दिन मोबाइल से स्कूल के प्रधानाचार्य को फोनकर छात्र को एक घंटा पहले ही छुट्टी दिला दी थी, उसके बाद छात्र को अगवाकर उधमसिंहनगर स्थित अपने फ्लैट में रखा था।
पहचान छिपाने को कटवाए बाल
अपहरणकर्ताओं ने छात्र गुरुविंदर सिंह की पहचान छिपाने की कोशिश करते हुए उसके लंबे बालों को कटवा दिया था। गुरुविंदर ने बताया हैै कि उसे एक फ्लैट के कमरे में बंधक बनाकर रखा गया था, जहां उसके बाल कटवा दिए गए। विरोध करने पर अपहरणकर्ताओं ने असलहा दिखाकर डराया-धमकाया था।
अभियुक्त जोगराज के फूफा की जमीन बनी वजह
उधमसिंहनगर से लखीमपुर के एक गांव के किसान के बेटे का अपहरण करने के पीछे जमीन की कहानी सामने आई है। एसपी अरविंद सेन ने बताया कि अपहरणकर्ता जोगराज सिंह के फूफा की जमीन कई साल पहले अपहृत छात्र के पिता जोगेंद्र सिंह ने खरीदी थी। लिहाजा जोगराज गांव भी आ चुका था। अब वह जमीन बिकवाना चाहता था, जिसके कारण उसने 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। मुख्य अभियुक्त जोगराज सिंह इससे पहले बाइक चोरी के मामले में जेल जा चुका है, लेकिन अपहरण जैसी वारदात को पहली बार अंजाम दिया था।
पुलिस टीम को एसपी ने किया सम्मानित
अपहृत छात्र की सकुशल वापसी से परिवार वालों में खुशी का माहौल है। वहीं एसपी अरविंद सेन ने मोहम्मदी एसओ आनंद कुमार शाही, एसआई पारसनाथ यादव, क्राइम ब्रांच के एसआई संजय सिंह, सिपाही शराफत, राजेंद्र यादव, प्रदीप यादव, अजेंद्र यादव, अजयदीप, राजू आदि को सम्मानित करते हुए 16 हजार रुपये नकद पुरस्कार भी दिया है।
नौ दिन बाद खिले चेहरे, पुलिस का जताया आभार
अपहृत छात्र के पिता जोगेंद्र सिंह और उनकी पत्नी का 17 अगस्त से रो-रोकर बुरा हाल था। रोते-रोते उनकी आंखें सूज आई। मंगलवार रात में बेटे को यादकर आंख लगते ही कई बार वे उठकर बैठ जाते थे, फिर नींद नहीं आती थी। बकौल पिता जोगेंद्र, वह सिर्फ यही सोचते थे कि बेटा किस हाल में होगा? अपने बेटे की सलामती के लिए दिन-रात प्रार्थनाएं कर रहे थे। बुधवार सुबह उन्हें बेटे के मिलने की खबर मिली तो वह फूले नहीं समाए। एक बारगी उनके आंसू छलक आए। पुलिस टीम की कार्रवाई से मिली सफलता पर दोनों माता-पिता गदगद दिखे। दंपति ने बेटे को सही सलामत देखकर पुलिस का दिल से आभार जताया।
इनसाइड स्टोरी, गुरुविंदर की जुबानी
घटना वाले दिन की याद करते हुए गुरुविंदर सिंह सिहर उठा और उसने बताया कि दोनों अपहरणकर्ताओं ने पहले उसे 10वीं पास करने के चलते लैपटॉप दिलाने का झांसा दिया, बाद में उसे बोलेरो में जबरन बैठा लिया और विरोध करने पर असलहा दिखाकर चुप करा दिया। इसके बाद बोलेरो लगातार चलती रही और शाम को नैनीताल के डैम पर उसे रोका गया, जहां से अपहरणकर्ताओं ने उसके घर फोन से बात कराई और दोस्तों के साथ टूर पर जाने की बात कहवाई। फिर पैकिंग कराकर लाई गई दाल रोटी उसे खिलाई, जिसे उन लोगों ने भी खाया। बकौल गुरुविंदर सिंह इसके बाद रात भर बोलेरो चलती रही, जिसके बाद अल सुबह उसे रुद्रपुर में एक फ्लैट के कमरे में बंद कर दिया गया। छात्र ने बताया कि वह जमीन पर चादर बिछाकर सोता था और इस दौरान एक आरोपी शंकर, जो बंगाली है उसकी निगरानी करता था। वह उसके साथ कमरा बंद कर लेटता था और बाहर से भी कमरे की कुंडी बंद की जाती थी। उन लोगों ने उसे एक टाइम ही खाना दिया। कहने के बाद भी चाय नहीं पिलवाई और उसे चुप रहने के लिए तमंचा दिखाकर धमकाया। दो दिन केवल चावल दिए। अन्य दिनों में उसे दाल-रोटी ही दी गई। उसने बताया कि अपहरणकर्ताओं से छोड़ने के बारे में कई बार पूछा तो 10 लाख रुपये फिरौती मिलने के बाद ही छोड़ने की बात कही गई। छात्र के मुताबिक कमरे पर रात में कई और लोग आकर शराब पीकर नाच-गाना करते थे।
अपहरणकांड खुलासे की कहानी में झोल
छात्र अपहरणकांड का खुलासा कर पुलिस ने जहां सराहनीय कार्य किया है, वहीं रेहरिया जंगल से अपहरणकर्ताओं को मय छात्र सहित दबोचने का दावा किसी के भी गले नहीं उतर रहा है। चूंकि पुलिस 24 घंटे पहले तक अपहरणकर्ताओं की लोकेशन ऊधमसिंहनगर बताती रही और फिर एकाएक मोहम्मदी कोतवाली की रेहरिया पुलिस चौकी सीमा पर स्थित रेहरिया जंगल में कठिना पुलिया के पास से बोलेरो सवार अपहरणकर्ताओं को दबोच लेेने का दावा कर दिया गया। इससे पुलिस की कहानी में झोल प्रतीत होती है।
वॉच एंड वेट की प्लानिंग से सफल हुई पुलिस
अपहरणकर्ताओं समेत छात्र को बरामद करने के पीछे पुलिस की वॉच एंड वेट की प्लानिंग काम आई। सर्विलांस से पुलिस को रुद्रपुर के आसपास की लोकेशन मिल रही थी। मोहम्मदी के प्रभारी कोतवाल आनंद शाही ने बताया कि 20 अगस्त को बदमाशों की लोकेशन मिलनी बंद हो गई, जिससे पुलिस के पास सिर्फ इंतजार करने के सिवा कुछ नहीं था। उन्होंने अपने मोबाइल से जिस नंबर पर संदेह था, उस पर मैसेज किया। 22 अगस्त की शाम को उस मोबाइल नंबर के ऑन होते ही मैसेज डिलीवर हुआ और उन्हें फिर इस मोबाइल के उधमसिंहनगर में होने की लोकेशन मिली। साथ ही उन्हें एक ऐसा व्यक्ति भी मिल गया, जिससे बदमाश जोगराज की लगातार बात हो रही थी। पुलिस ने उसे उठाया तो अपहरणकर्ता पकड़े गए और छात्र भी मिल गया।
धनवान बनने की ललक ने करा दिया अपहरण
अपहरणकर्ता जोगराज ने बताया कि वह बहुत बड़ा आदमी बनना चाहता था। उसे आलीशान भवन में रहने और लग्जरी कार से ऐश करने में मजा आता है। यही वजह है कि उसने अपने खेत बेचकर रुद्रपुर के शिवम एंकलेव में आलीशान फ्लैट खरीदा। अपहरण करने के बाद छात्र गुरुविंदर को इसी फ्लैट में रखा। उसका कहना है कि वह आठ साल पहले यहां रह चुका है। उसके पिता अपनी जमीन बेचकर रुद्रपुर आ गए थे। उसे यह बात पता थी कि गुरुविंदर के पिता के पास जमीन है। वह अपने बेटे को पाने के लिए जमीन बेचकर उसे 10 लाख रुपये दे देंगे। इससे वह खूब ऐश करेगा। इसी मंशा से अपहरण किया था।
अपहरणकांड खुलासे की कहानी में झोल
24 घंटे पहले तक रुद्रपुर की लोकेशन बताती रही पुलिस
अपहरणकांड का खुलासा कर पुलिस ने जहां सराहनीय कार्य किया है, वहीं रेहरिया जंगल से अपहरणकर्ताओं को मय छात्र सहित दबोचने का दावा किसी के भी गले नहीं उतर रहा है। चूंकि पुलिस 24 घंटे पहले तक अपहरणकर्ताओं की लोकेशन ऊधमसिंहनगर बताती रही और फिर एकाएक मोहम्मदी कोतवाली की रेहरिया पुलिस चौकी सीमा पर स्थित रेहरिया जंगल में कठिना पुलिया के पास से बोलेरो सवार अपहरणकर्ताओं को दबोच लेेने का दावा कर दिया गया। इससे पुलिस की कहानी में झोल प्रतीत होती है।
वॉच एंड वेट की प्लानिंग से सफल हुई पुलिस
अपहरणकर्ताओं समेत छात्र को बरामद करने के पीछे पुलिस की वॉच एंड वेट की प्लानिंग काम आई। सर्विलांस से पुलिस को रुद्रपुर के आसपास की लोकेशन मिल रही थी। मोहम्मदी के प्रभारी कोतवाल आनंद शाही ने बताया कि 20 अगस्त को बदमाशों की लोकेशन मिलनी बंद हो गई, जिससे पुलिस के पास सिर्फ इंतजार करने के सिवा कुछ नहीं था। उन्होंने अपने मोबाइल से जिस नंबर पर संदेह था, उस पर मैसेज किया। 22 अगस्त की शाम को उस मोबाइल नंबर के ऑन होते ही मैसेज डिलीवर हुआ और उन्हें फिर इस मोबाइल के उधमसिंहनगर में होने की लोकेशन मिली। साथ ही उन्हें एक ऐसा व्यक्ति भी मिल गया, जिससे बदमाश जोगराज की लगातार बात हो रही थी। पुलिस ने उसे उठाया तो अपहरणकर्ता पकड़े गए और छात्र भी मिल गया।
धनवान बनने की ललक ने करा दिया अपहरण
अपहरणकर्ता जोगराज ने बताया कि वह बहुत बड़ा आदमी बनना चाहता था। उसे आलीशान भवन में रहने और लग्जरी कार से ऐश करने में मजा आता है। यही वजह है कि उसने अपने खेत बेचकर रुद्रपुर के शिवम एंकलेव में आलीशान फ्लैट खरीदा। अपहरण करने के बाद छात्र गुरुविंदर को इसी फ्लैट में रखा। उसका कहना है कि वह आठ साल पहले यहां रह चुका है। उसके पिता अपनी जमीन बेचकर रुद्रपुर आ गए थे। उसे यह बात पता थी कि गुरुविंदर के पिता के पास जमीन है। वह अपने बेटे को पाने के लिए जमीन बेचकर उसे 10 लाख रुपये दे देंगे। इससे वह खूब ऐश करेगा। इसी मंशा से अपहरण किया था।