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कौन झूठ बोल रहा पिंकू या अमित

Thu, 30 Apr 2015 12:22 AM IST
गोला गोकर्णनाथ।
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नगर के रेलवे स्टेशन के सामने स्थित गांव भवानीगंज में अपने ननिहाल में रह रहे पिंकू (10) का अपहरण हुआ था या उसने स्वयं अपहरण का नाटक रचा था, इस मामले को लेकर जीआरपी अभी दुविधा में है।
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पिंकू नगर के संस्कार विद्या मंदिर में कक्षा पांच का छात्र है, जो अवकाश होने के कारण मंगलवार को स्कूल नहीं गया था। पिंकू के नाना अर्जुनलाल का कहना है कि पिंकू मंगलवार की दोपहर एक बजे लापता हुआ था। वह लोग उसे लगातार तलाश कर रहे थे। दोपहर लखनऊ से बरेली जा रही रुहेलखंड एक्सप्रेस को जब परिवार वालों ने यहां रुकने पर खंगाला तो पिंकू ट्रेन में बैठा गया।

 पिंकू ने पड़ोस में बैठे अमित (18) की ओर इशारा कर कहा कि वह उसे लखनऊ ले गया था। अब वापस अपने साथ लिए जा रहा था। परिवार वालों और यात्रियों ने यह सुनते ही अमित के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया।
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अमित ने पुलिस को बताया कि वह बरेली जिले के बहरजागीर गांव थाना क्योलड़िया का रहने वाला है। वह मानसिक रोगी है। इस कारण कई वर्ष से उसका इलाज लखीमपुर के मानसिक चिकित्सक डॉ. दिनेश दुआ के अस्पताल से चल रहा है। बताया कि उसका बैग ट्रेन में ही रह गया है। वह मंगलवार की शाम लखीमपुर दवा लेने गया था। बुधवार की सुबह डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा लेकर अपने घर लौट रहा था।

वह पिंकू को जानता तक नहीं है। अमित के पास मंगलवार और बुधवार के पीलीभीत से लखीमपुर और लखीमपुर से पीलीभीत के यात्री टिकट भी मिले हैं। जीआरपी पुलिस ने मैलानी फोन कर अमित का बैग ढूंढने को कहा, बैग मिलने पर मैलानी से जब उसका बैग यहां पहुंचा तो बैग में रखे डॉक्टर दिनेश दुआ का पर्चा और दवाएं मिलीं।

 पर्चे में बुधवार को डॉक्टर द्वारा तारीख और दवा भी लिखी गई है। जीआरपी ने अमित के परिवार वालों को फोन से सूचना देकर बुलाया है। पुलिस चौकी के हेड कांस्टेबिल राजेश कुमार ने बताया कि पिंकू के अपहरण की बात गले नहीं उतर रही है, फिर भी प्रकरण की जांच की जा रही है।
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