सदर कोतवाली से सात महीने में उड़ाई पांच कारें, 251 बाइकें
गढ़ी रोड पर हुई घर में चोरी का भी खुलासा नहीं
जिले में सक्रिय बाइक चोर गैंग खीरी पुलिस पर भारी पड़ने लगे है। सदर कोतवाली क्षेत्र की बात करें तो इस साल जनवरी से लेकर अगस्त तक शहर से 251 बाइक और पांच चार पहिया वाहन चोरी हो चुके हैं। पुलिस इनमें से सिर्फ 26 बाइकें और तीन चार पहिया वाहन ही पुलिस बरामद कर पाई है। पुलिस के पास बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए न तो कोई रणनीति है और न ही कोई नेटवर्क। उधर, मोहल्ला शांतीनगर में पूर्व कानूनगों के घर हुई चोरी की घटना का भी अभी तक पुलिस पर्दाफाश नहीं कर सकी है।
जिले में लंबे अर्से से बाइक चोर गैंग सक्रिय है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सदर कोतवाली क्षेत्र की है। यदि विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पहली जनवरी से लेकर 31 अगस्त 251 बाइकें और पांच चार पहिया वाहन चोरी हो चुके हैं। इनमें से पुलिस सिर्फ 26 बाइकें और तीन कारें बरामद कर पाई है। वह भी ऐसे या तो किसी को पब्लिक ने रंगेहाथ पकड़ लिया या फिर चोरों से खरीद कर बाइक चला रहे चालक को पकड़कर पुलिस ने उससे बाइक बरामद कर ली और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह हालत तब है जब पुलिस 24 घंटे में छह से आठ घंटे वाहन चेकिंग भी करती है, इसके बाद भी पुलिस वाहन चोरों पर शिकंजा नहीं कस पा रही है। पुलिस के पास अपनी ऐसी कोई रणनीति नहीं है, जिससे वह बाइक चोरों पर भारी पड़ सके।
चेकिंग के नाम पर होता है खेल
देहात इलाकों में अवैध वसूली के चक्कर में चेकिंग में भी खूब खेल होता है। यदि कोई चालक बिना कागजात की बाइक समेत पकड़ा जाता है तो सिपाही हो या दरोगा 200-400 रुपये गांठकर उसे छोड़ देते हैं तो कभी क्षेत्र, कस्बे के छुटभैया नेताओं की पैरवी के कारण मजबूरन उन्हें छोड़ना पड़ता है।
पखवाड़े भर बाद भी चोरी का खुलासा नहीं
सदर कोतवाली के गढ़ी रोड स्थित मोहल्ला शांतीनगर निवासी पूर्व कानूनगो बलराम प्रसाद के मकान का दिनदहाड़े ताला तोड़कर चोर 18 अगस्त को 17 हजार की नगदी समेत करीब डेढ़ लाख के जेवर चोरी कर ले गए। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट तो दर्ज कर दो-चार दिन अंधेरे में हाथपांव म ारे। मोहल्ले में गश्त भी तेज कर दी, लेकिन समय बीतने के साथ पुलिस ने जहां खुलासे के लिए हाथपांव मारने बंद कर दिए, वहीं गश्त व्यवस्था भी पुलिस की पुराने ढर्रे पर आ गई।
नेपाल से जुड़े हैं बाइक चोरों के तार
खुली नेपाल सीमा का लाभ बाइक चोर उठाते हैं। सूत्रों की मानें तो चोरी करने के बाद बाइक चोर मैकेनिक का सहयोग लेते हैं और बाइकों की शो आदि बदलवाकर आसानी से नेपाल ले जाकर बिक्री कर देते हैं। नेपाली गैंग भी भारतीय क्षेत्र में सक्रिय है, जो सीमा से जुड़े क्षेत्रों से बाइक चोरी कर आसानी से नेपाल भाग जाते हैं।
शहर में बाइक चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। शहर कोतवाल को इस पर अंकुश लगाने के लिए पहले ही कड़ी हिदायत दी जा चुकी है। रणनीति बनाकर इस पर शीघ्र ही अंकुश लगाया जाएगा।
अखिलेश चौरसिया, एसपी