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जेल से कैदी के फरार होने  के मामले में एक निलंबित

Wed, 02 Nov 2016 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो   लखीमपुर खीरी।
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- फोटो : अमर उजाला
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डिप्टी जेलर समेत चार पर लटकी तलवार
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 जिला जेल से विचाराधीन कैदी के फरार होने के मामले की प्रारंभिक जांच में डिप्टी जेलर, तीन प्रधान बंदी रक्षक और एक बंदी रक्षक की लापरवाही उजागर हुई है। जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षक गंगासागर वर्मा के निलंबन, तीन प्रधान बंदी रक्षकों और डिप्टी जेलर के खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति कर प्रस्ताव आईजी जेल और वरिष्ठ जेल अधीक्षक आदर्श कारागार लखनऊ को भेजा। देर शाम बंदी रक्षक को निलंबित कर दिया गया। उधर फरार बंदी की तलाश में पुलिस की टीमों ने कई संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। 
बता दें कि सदर कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला मोहन कश्यप आठ वर्षीय बालिका के साथ रेप और हत्या करने के आरोप में पांच महीने से जेल में निरुद्ध था। 31 अक्तूबर की शाम 6.15 बजे जब बंदियों की गिनती की गई तो एक विचाराधीन बंदी कम निकला। हरकत में आए जेल प्रशासन ने जब सर्च की तो मोहन कश्यप गायब मिला। जेल प्रशासन दूसरे दिन भी इस बात का पता नहीं लगा सका कि आखिरकार मोहन कश्यप जेल की चहारदीवारी से कैसे बाहर निकल गया?। उधर जेल अधीक्षक विनोद कुमार की जांच में चक्राधिकारी उप कारापाल (डिप्टी जेलर) राजेश कुमार राय, प्रधान बंदी रक्षक काशी मिश्रा, विपिन मिश्रा, श्यामलाल यंग और बंदी रक्षक गंगासागर वर्मा की लापरवाही उजागर सामने आई है। फरार आरोपी मोहन कश्यप बंदी रक्षक गंगासागर की निगरानी में था। इसलिए जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षक गंगासागर वर्मा के निलंबन और प्रधान बंदी रक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक आदर्श कारागार लखनऊ और डिप्टी जेलर के खिलाफ आईजी जेल को पत्र भेजकर विभागीय जांच कराने की संस्तुति की। देर शाम जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी रक्षक को निलंबित कर दिया गया है। 
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उधर सीओ सिटी एमपी सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीमों ने फरार आरोपी के घर समेत कई संभावित स्थानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने आरोपी को हाजिर होने या गिरफ्तारी कराने का दबाव बनाने के लिए आरोपी के परिवार के सदस्यों और कुछ रिश्तेदारों को उठाया है। पुलिस उनसे फरार आरोपी के बारे में जानकारी कर रही है। 
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हत्यारोपी का सुराग नहीं, दहशत में पीड़ित परिवार  
रेप और हत्या के आरोपी की तलाश में जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने चार बंदी रक्षकों की एक टीम सादे कपड़ों में खेतों और गांवों में घूम रही है। लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पीड़ित परिवार ने हत्यारोपी के फरार होने और उसे गांव के आसपास देखे जाने से अपने लिए खतरा जताया है। परिवार के लोग रात जागकर बिता रहे हैं। बालिका की मां ने डीएम को पत्र देकर जान माल की सुरक्षा का खतरा जताया है और सुरक्षा की मांग की है। डीएम ने एसपी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीओ सिटी एमपी सिंह ने बताया कि मृतका के घर वालों की सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट है और उनके घर की निगरानी भी कर रही है। 
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