जमीन के लिए हुई मुकदमेबाजी से नाराज होकर महिला पर जानलेवा हमला के मामले में एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने हमलावर को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि पसगवां थाना क्षेत्र के ग्राम निवादा निवासी रामगुनी का मुकदमा जमीन की दावेदारी को लेकर रामभरोसे से चला था। मुकदमा हारने के बाद रामभरोसे ने नाराज होकर 22 नवंबर 1987 को अपने भाई गुलजारी, सूरज व अपने लड़के मदनपाल के साथ मिलकर रामगुनी के घर पर धावा बोल दिया था। आरोप है कि मारपीट के साथ ही हमलावरों ने जान से मार डालने के लिए फायरिंग भी थी जिसमें रामगुनी बुरी तरह जख्मी हुई थी। अदालती सुनवाई के दौरान रामभरोसे और उसके भाई सूरज की मौत हो गई वहीं मदनपाल को घटना के वक्त किशोर मानते हुए उसकी पत्रावली अलग करते हुए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। रामगुनी सूबेदार और डीएस माथुर की गवाही के आधार पर अदालत ने गुलजारी को जानलेवा हमले के लिए दोषसिद्ध पाया उसे चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने वसूले गए जुर्माना में से पीड़िता को आठ हजार रुपये जुर्माना दिलाने का आदेश भी दिया है।