बिलहिया गांव से एक ग्रामीण को दुधवा नेशनल पार्क की टीम ने शिकारी होने के आरोप में पकड़ लिया और उसे मुख्यालय ले आई। इस जानकारी पर रविवार की शाम को ही क्षेत्रीय लोग नाराज होकर लामबंद हो गए। वह सोमवार को दुधवा मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण बेगुनाह है। इस दौरान उन्होंने पार्क प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इधर ब्लाक प्रमुख के नेतृत्व में किसान नेताओं ने डीडी से मुलाकात की। डीडी ने जांच कर आगे कार्रवाई करने की बात कही है।
रविवार को हंसराम बिलहिया में एक फार्मर के खेत में काम कर रहा था कि इसी दौरान पार्क प्रशासन की टीम वहां पहुंची और उसे अपने साथ ले आई। इस कार्रवाई से इलाके के ग्रामीण नाराज हो गए। रविवार की देर शाम मुख्यालय आ पहुंचे लेकिन किसी अधिकारी के यहां न होने के कारण वह लौट गए। सोमवार को वह मुख्यालय पहुंचे और पकड़े गए ग्रामीण को बेगुनाह बताकर प्रदर्शन एवं नारेबाजी की। साथ ही ब्लाक प्रमुख गुरुप्रीत सिंह जार्जी के नेतृत्व में केन सोसायटी अध्यक्ष विकास कपूर, प्रधान लखवीर सिंह गोरे, अवतार सिंह, लड्डू, बलजीत सिंह, गजेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह, देवेंद्र मुन्ना डीडी वीके सिंह से मिले और हंसराम को छोड़ने की मांग की। इस पर डीडी ने कहा कि वह जांच कराएंगे उनको तीन दिन का समय दिया जाए, जांच पूरी हो जाने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। तब तक आरोपी हिरासत में रहेगा।
मैलानी एसडीओ को सौंपी जांच
डीडी ने मामले की जांच मैलानी एसडीओ कल्पनाथ गौतम को सौंपी है। उन्होंने बताया कि उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाबर और पटाखों की बरामदगी दिखाई
पार्क अधिकारियों के मुताबिक हंसराम के पास से खेत में चार खाबर और कई पटाखे बरामद हुए हैं। यह सब शिकार के काम में आता है।