शहर में प्रतिदिन आ रहीं हैं 40 से 50 मिट्टी और रेत भरी ट्रॉलियां
संपूर्णानगर में चार से पांच फुट निकाली जा रही मिट्टी
जिले में पुलिस के इशारे पर इन दिनों अवैध खनन जोरों पर हो रहा है। पुलिस सबकुछ देखने के बाद भी अपनी आंख बंद कर लेती है। सदर कोतवाली क्षेत्र की रामापुर पुलिस चौकी क्षेत्र में रेत और मिट्टी का खनन बदस्तूर जारी है। संपूर्णानगर क्षेत्र में भी खुलेआम मिट्टी का खनन कर चार से पांच फुट मिट्टी निकाली जा रही है। अफसर जानकारी न होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
वैसे तो जिले में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां अवैध खनन नहीं होता हो, लेकिन शहर से करीब छह किलोमीटर दूर रामापुर पुलिस चौकी क्षेत्र की नदी और खेतों से रेत और मिट्टी का खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी चौकी पुलिस से लेकर इंस्पेक्टर तक नहीं है। सूत्रों की मानें तो खनन माफिया पुलिस की सांठगांठ से यह अवैध कारोबार कर रहे हैं। अवैध खनन वालों की मानें तो चौकी पुलिस बड़े साहब यानी सीओ से लेकर इंस्पेक्टर तक का हिस्सा भी ले लेती है। रेत हो या मिट्टी, इससे भरी ट्रॉलियां अंधेरा होने के बाद और सूर्य निकलने से पहले डॉन बॉस्को स्कूल के पास से निकली नहर पर देउवापुर की ओर से आती दिख जाएंगी। उधर, नेपाल बार्डर के थाना संपूर्णानगर क्षेत्र में बॉर्डर डेवलपमेंट एरिया के तहत आरसीसी सड़क का निर्माण कार्य हो रहा है, जिसमें ठेकेदार द्वारा बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कराया जा रहा है। जेसीबी द्वारा चार से पांच फुट मिट्टी उठाई जा रही है, लेकिन इस पर न तो पुलिस की नजर पहुंची और न ही वन विभाग की। तहसील प्रशासन भी इस ओर आंख बंद किए है।
एसओ को नहीं है जानकारी
एसओ संपूर्णानगर धर्मेंद्र कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं है, हो सकता है, कंपनी के पास खनन का परमीशन हो।
एसडीएम भी टाल गए जवाब
एसडीएम पलिया यह कहते हुए जवाब देने से टाल गए कि वह चुनाव को लेकर व्यस्त हैं। बाद में इसे दिखवाते हैं। तहसीलदार ने जानकारी होने से ही साफ इंकार कर गए।
रामापुर चौकी क्षेत्र में खनन की मुझे जानकारी नहीं है। मैं इसकी खुद जांच करूंगा। यदि पुलिस की संलिप्तता मिलती है तो कार्रवाई करूंगा।
निर्मल कुमार बिष्ट, सीओ सिटी