विवाद को सुलझाने के लिए सुलह समझौता कराने गए विवाहिता के पिता की हत्या के मामले में एडीजे लालता प्रसाद ने हत्यारोपी दामाद को उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी पीके सिंह ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम मूडी निवासी जोखन की ससुराल थाना क्षेत्र के ही गांव सरजूनगर के अलाउद्दीन के यहां थी। जोखन वहीं ससुराल में रहकर कामकाज करता था वहीं उसने लड़की शकुंतला की शादी अलाउद्दीन के लड़के मजीद से की।
कुछ समय बाद ही 31 मार्च 2009 को मजीद और शकुंतला के बीच झगड़ा हुआ। बाद में मजीद ने शकुंतला को तलाक दे दिया। शकुंतला अपने मूल निवास ग्राम मूडी चली गई अगले ही दिन एक अप्रैल को जोखन अपने भाई अलीशेर और भतीजे इस्लाम को साथ लेकर सुलह समझौता कराने के लिए ग्राम सरजूनगर गया था। बातचीत के बाद तीनों लोग वापस आ रहे थे तभी मजीद ने जोखन की फावड़े से मारकर हत्या कर दी।
अभियोजन की ओर से अलीशेर, इस्लाम, कांस्टेबल रज्जूलाल, डॉ. एसपी वर्मा, विवेचक देवीदयाल सिंह की गवाही पेश हुई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद मजीद को दोषी पाते हुए अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।