शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने संबंधी हाईकोर्ट के फैसले से शिक्षामित्रों में हताशा है। शिक्षामित्रों के दोनों संगठनों ने रविवार को सदर प्राथमिक विद्यालय में सभा कर न्यायालय के फैसले पर चर्चा की तथा इस पर असंतोष व्यक्त किया और विरोध करने का निर्णय किया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने इस फैसले को अमानवीय करार दिया। यहां शिक्षामित्रों ने कहा कि अब शिक्षामित्रों के सामने जीवन यापन का कोई साधन नहीं बचा है। इस संगठन ने तय किया कि 14 सितंबर से सभी शिक्षामित्र अपने विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार करेंगे। यहां प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, जिला मंत्री चंद्रेश वर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारस वर्मा, ब्लाक कुंभी अध्यक्ष सर्वेश वर्मा, बिजुआ अध्यक्ष अशोक दिवाकर सहित तमाम शिक्षामित्र उपस्थित थे।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने भी सभा में हिस्सा लिया। इस संगठन के कार्यकर्ताओं ने हाईकोर्ट के फैसले पर निराशा जताई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलामंत्री राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि हताश होने की जरुरत नहीं है। न्यायालय का आदेश प्राप्त होते ही अगली रणनीति बनाई जाएगी। यहां जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि शिक्षामित्र राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे। सभा में सत्येंद्र तिवारी, सौरभ प्रजापति, विनय कुमार, हरीश वाजपेयी, मैकूलाल, सत्येंद्र तिवारी, परमानंद सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित थे।