अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मारपीट के मामले में एक अभियुक्त को दो साल की सजा और दो हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मुकदमा तकरीबन 13 साल से ज्यादा समय तक चला।
पसगवां थाने के गांव करमुलिया निवासी अनिल कुमार सिंह ने गांव के ही भंतू के खिलाफ मारपीट कर पैर तोड़ने, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी आदि के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था, जो मोहम्मदी के अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। वाकया 22 अगस्त 2002 का है।
मामले में 13 साल बाद फैसला आया है, जिसमें भंतू को दोषी पाया गया। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार ने भंतू को धारा 325 के अंतर्गत दो वर्ष का साधारण कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, उन्होंने कहा कि यदि अभियुक्त अर्थदंड नहीं देता है तो दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा धारा 504 के तहत छह माह का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना और धारा 506 के अंतर्गत एक वर्ष का साधारण कारावास एवं पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों धाराओं में अर्थदंड न देने पर 15 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले के अभियोजन अधिकारी अखिलेश गौतम रहे।