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चार फर्नीचर की दुकानें जलीं, लाखों का नुकसान

Thu, 18 Feb 2016 10:19 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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आगा साहब कोठी चौराहे के पास फर्नीचर की एक दुकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर पांच दुकानें और एक खोखा जलकर नष्ट हो गए। दुकानों का अस्थाई निर्माण होने और उनमें ज्वलनशील पदार्थ रखे होने की वजह से आग बहुत तेजी से फैलती चली गई। सूचना पाकर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम को आग पर काबू करने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। करीब सात घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूर्णतया काबू पाया जा सका। तब तक फर्नीचर की दुकानें पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो चुकीं थीं, जिसमें करीब 20 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
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आगा साहब कोठी चौराहे पर अस्थाई दुकानों में फर्नीचर की दुकानें संचालित थीं। मोहल्ला हाथीपुर निवासी शखावत उल्ला खां की वर्कशाप में बुधवार की रात करीब साढ़े 11 बजे अचानक आग लग र्गई, जिसने पलक झपकते विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने पांच दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और लाखों कीमत की इमारती लकड़ी एवं उनसे बने फर्नीचर जलकर नष्ट हो गए। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। आग के प्रचंड रूप के आगे तीन गाड़ियां बेअसर साबित हुई, तो आग पर काबू पाने के लिए गोला, निघासन, धौरहरा से एक-एक गाड़ी और सीतापुर से दो गाड़ियों को बुलाना पड़ा। इसके बावजूद आग के प्रचंड रूप से पानी की बौछार कमतर साबित हुई, जिससे चार फर्नीचर दुकानें पूरी तरह खाक हो गई। जबकि हेयर कटिंग सैलून का एक खोखा भी राख हो गया। इस अग्निकांड में सबसे ज्यादा शखावत उल्ला खां का नुकसान हुआ, जिसमें उनका एक वर्कशाप और शोरूम नष्ट हो गया। उन्होंने 20 लाख से अधिक नुकसान का अनुमान लगाया है। गणेश फर्नीचर के प्रोपराइटर रामदुलारे निवासी पड़रिया कलां थाना फरधान ने करीब 13 लाख के नुकसान के अनुमान जताया है। इसी तरह अशफाक और जितेंद्र शर्मा निवासी मूसेपुर खुर्द की दुकानों में हजारों कीमत का सामान जलकर खाक हो गया है।

शार्ट सर्किट से आग लगने की संभावना
फर्नीचर दुकानों में आग लगने की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है, लेकिन जिला अग्निशमन अधिकारी आरके सिंह ने बताया है कि प्रथमदृष्टया शार्ट सर्किट से आग वर्कशाप में लगी है, क्योंकि आग बुझाने के दौरान बिजली के तारों में स्पार्किंग हो रहीं थी। लिहाजा बिजली सप्लाई बंद करानी पड़ी, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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ज्वलनशील पदार्थों ने भड़काई आग
आग लगने की तीव्रता के बारे में माना जा रहा है कि फर्नीचर दुकानों में अत्याधिक ज्वलनशील पदार्थ जैसे फाम, थिनर, प्लाई रखे हुए थे। इसके अलावा पक्की दुकानें नहीं थीं, बल्कि टिनशेड और लकड़ी का अस्थाई स्ट्रक्चर था। इससे आग तेजी से फैलती चली गई।
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