बीच-बचाव में ग्रामीण भी हुए थे घायल
मामूली कहासुनी के चलते ग्रामीण पर जानलेवा हमला करने के मामले में अपर जिला जज कोर्ट ने चार हमलावरों को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चारों हमलावरों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी प्रमोद सिंह ने बताया कि हैदराबाद थाने के गांव शेरपुर निवासी योगेश कुमार 24 जनवरी 2001 की रात आठ बजे अपने जानवरों को चारा खिला रहे थे। आरोप है कि तभी गांव के राजकुमार, राजकिशोर, चंद्र प्रकाश और सुरेंद्र आए और योगेश से यह कहते हुए गाली गलौज देने लगे कि तुमने सेमरई के चंद्रप्रकाश से हमारी शिकायत की है। योगेश ने आरोपों से इंकार करते हुए गाली गलौज से मना किया, तो चारों ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। शोरगुल और हंगामा सुनकर गांव के ओमप्रकाश, संजीव, विनोद कुमार, आशीष और अनुराग सहित कई लोग मौके पर आए और बीच बचाव की कोशिश की, तो इसी बीच वे भी गोलियों के छर्रे लगने से घायल हो गए। इस मामले में राजकुमार, चद्रप्रकाश और सुरेंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी, मगर अदालती गवाही में राजकिशोर की संलिप्तता भी सामने आई तब अभियोजन की अर्जी पर कोर्ट ने राजकिशोर को भी 319 सीआरपीसी के अधीन तलब कर लिया।
अभियोजन की ओर से पीके सिंह ने योगेश, सर्वेश,संजीव, विनोद एसआई नेकराम, डॉ. वीके वर्मा और एसआई केएन गुप्ता की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। इस पर कोर्ट ने चारों हमलावरों को जानलेवा हमले के लिए दोषसिद्ध पाते हुए उन्हें दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही सभी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।