बिहारी कॉलोनी में खाना बनाते समय लगी आग से श्रमिक का पूरा घर जलकर राख हो गया और घर में सो रही पांच वर्षीय बच्ची की झुलसने से मौत हो गई। बच्ची को बचाने के प्रयास में उसका भी पिता गंभीर रूप से झुलस गया।
बिहारी कॉलोनी के सतीश कुमार की पत्नी रेखा सुबह गन्ने की सूखी पत्तियों से खाना पका रही थी। इसी बीच आग की तेज लपट ने झोपड़ी में आग पकड़ ली और वह धू-धू कर जलने लगी। इस बीच रेखा ने शोर मचाकर सामान निकालना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर झोपड़ी में सो रहे सतीश की आंख खुल गई तो वह आग में घिरी अपनी पांच वर्षीय पुत्री नेहा को निकालने लगा जिससे वह भी झुलस गया। इसी बीच शोर सुनकर दौडे़ ग्रामीणों ने उसके घर का सामान निकालने का प्रयास किया और गंभीर रूप से जली बच्ची नेहा एवं उसके पिता को चिकित्सा के लिए अस्पताल पहुंचाया। इसी बीच पड़ोसी राजकुमार की झोपड़ी का भी कुछ भाग जल गया। झुलसी नेहा को प्राथमिक उपचार के बाद पीएचसी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया रेफ र कर दिया गया। परिजन उसे पलिया लेकर जा रहे थे कि रास्ते में नेहा ने दम तोड़ दिया। आग से सतीश के घर के रजाई गद्दे, चारपाई सहित खाने-पीने का सारा सामान भी जल गया।