एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। व्यक्ति पर आरोप है कि उसने दूसरे व्यक्ति की विरासत फर्जी तरीके से अपने नाम करा ली है।
भीरा निवासी एडवोकेट संजय कुमार गर्ग ने तहसील दिवस में एक पत्र दिया था, जिसमें कहा गया था कि उनके पिता बाबूराम अग्रवाल के नाम वर्ष 1986 में नगर पालिका परिषद की स्टेशन रोड स्थित मार्केट में दुकान संख्या पांच आवंटित हुई थी, जिसको भीरा निवासी एक व्यक्ति ने वर्ष 1997 में फर्जी शपथपत्र लगाकर अपने नाम आवंटित करा लिया। पत्र में कहा गया कि वर्ष 2004 में जब उनके पिता की मृत्यु हुई तो वह विरासत कराने के लिए नगर पालिका गए तो उन्हें पता चला। उनके द्वारा दिए शिकायती पत्रों पर नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2011 में शपथ पत्र पर बने हस्ताक्षर और मूल आवंटन के समय किए गए बाबूराम के हस्ताक्षर का का लखनऊ में मिलान कराया तो शपथ पत्र वाले हस्ताक्षर बाबूराम के नहीं पाए गए। नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2013 में इस व्यक्ति के आवंटन को निरस्त कर दिया। उन्हाेंने पत्र में मांग की थी कि यह असंवैधानिक तरीके से नगर पालिका की संपत्ति को हड़पने का प्रयास है और इसमें रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। एडवोकेट संजय ने तहरीर दी जिस पर पुलिस ने डीएम के निर्देश पर 20 दिसंबर वर्ष 2014 को आरोपी सियाराम अग्रवाल पुत्र उमराव प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी आदि का मुकदमा दर्ज कर दिया।