हाईकोर्ट के आदेश पर भी नहीं मिल रहा कब्जा
कृषि भूमि के एक हिस्से पर दबंगों के कब्जे से आहत एक किसान ने सपरिवार आत्महत्या की चेतावनी दी है। उसका आरोप है कि एसडीएम न्यायालय से मेड़बंदी और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उसे उसकी भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया जा रहा है।
ग्राम महमदपुर के मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि जलालपुर गांव में उसकी कृषि भूमि की पैमाइश हो पक्की मेड़बंदी का आदेश 13 जनवरी 2015 को एसडीएम न्यायालय से हुआ था। किंतु गन्ने की फसल लगी होने के कारण उसे कब्ज नहीं दिलाया गया, 14 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ ने उसके पक्ष में फैसला करते हुए कब्जा दिलाने का आदेश दिया, लेकिन आज तक उन्हें कब्जा नहीं दिलाया गया। यहां तक कि विपक्षियों पर दर्ज मुकदमे में भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अब पीड़ित मनोज ने उच्चाधिकारियों को लिखा है कि हाईकोर्ट के आदेश बाद भी 15 दिन में जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया तो वह सपरिवार आत्महत्या के लिए विवश होगा, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
टीम बनाकर करवाएंगे जांच
एसडीएम योगानंद पांडे ने बताया कि वह सोमवार को टीम बनाकर मौके की जांच के लिए भेजेंगे। यदि हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्षी के पक्ष में कोई आदेश नहीं हुआ होगा तो वह हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराएंगे।