‘करामाती गिलास’ खरीदने से मना करने से नाराज मिर्जागंज के ठगों ने इलाहाबाद से आए सात लोगों की पिटाई की और उनसे 85 हजार रुपये लूट लिए। विरोध करने पर ठगों ने एक व्यक्ति के हाथ की हंसिये से वार कर उंगली काट दी और सोने की अंगूठी निकाल ली।
इलाहाबाद के मोहल्ला कीड़गंज निवासी गिरधारी लाल, राविंद शर्मा, विनोद और अन्नू समेत सात लोग गुरुवार को कार से ‘करामाती गिलास’ खरीदने आए थे। गिलास का सौदा उन लोगों ने एक लाख में तय किया था। जिसकी खरीदारी के लिए वह लोग ढखेरवा पहुंचे। वहां पर मिर्जागंज का एक व्यक्ति बाइक से मिला और अपने गांव ले गया। जहां एक व्यक्ति के घर में बैठकर ‘करामाती गिलास’ दिखाया गया। गिलास पसंद न आने पर उन लोगों ने उसे लेने से मना कर दिया। इससे नाराज ठगों ने उन लोगों की पहले पिटाई की और उसके बाद गिरधारी के पास मौजूद 80 हजार रुपये छीन लिए। मारपीट होते देख चालक कार लेकर भाग गया। इसी बीच ठगों ने गिरधारी के हाथ में सोने की अंगूठी देखी तो उसे जबरन निकालने लगे। विरोध करने पर एक ठग ने गिरधारी के हाथ पर हंसिये से प्रहार कर उंगली काट दी और अंगूठी निकाल ली। किसी तरह से पीड़ित लोग रकेहटी पहुंचे। जिसके बाद पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी गई।
क्या है करामाती गिलास
पहले तांबे के गिलास की पेंदी निकाल दी जाती है, फिर चुंबक से इसे जोड़ दिया जाता है। उसके बाद चावलों को पानी में दो दिन तक भिगोने के बाद उसे सुखाने के बाद चुंबक का बुरादा मिलाकर रख दिया जाता है। फिर चावलों से थोड़ी दूरी पर गिलास को रखा जाता है। चुंबक के कारण चावल गिलास में उड़कर चिपकने लगते हैं। इस प्रकार करामाती गिलास तैयार हो जाता है।
पुलिस ने लगवाया था बोर्ड
करीब एक साल पहले तत्कालीन झंडी चौकी प्रभारी कन्हैया लाल यादव ने गांव मिर्जागंज और रायपुर गांवों के बाहर एक बोर्ड लगवाया था कि इन गांवों में नागमणी, मोरपंखी, सोने र्की इंट आदि की ठगी की जाती है, यहां सतर्क रहें। इसके बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
महानगरों तक फैले हैं ठगों के सूत्र
लोगों को फंसाकर ठगी का शिकार करने वाले इन गांव के लोगों के तार विभिन्न महानगरों तक फैले हुए हैं। जो लोगों को अमीर बनने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते हैं।
मिर्जागंज में हुई घटना की अभी तहरीर नहीं मिली है। इसके बावजूद पुलिस ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की है। ठगों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रामकुमार यादव, एसओ निघासन