हैदराबाद थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव में गरीबी, बीमारी और कर्ज में डूबे किसान छंगालाल (65) की शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। किसान के पास एक बीघा पट्टे की जमीन थी, जिसमें खड़ी गेहूं की फसल मौसम के कहर से नष्ट हो चुकी है, जबकि एक माह पहले होली के दिन उसके घर में आग लग गई थी, जिससे वह सदमे में था। एसडीएम गोला विनोद गुप्ता और हैदराबाद एसओ ने परिवार वालों की सहमति पर शव का दाह संस्कार करा दिया है।
छंगालाल की पत्नी चमेली देवी ने बताया है कि पट्टे में मिली एक बीघे जमीन है, जिसमें खड़ी गेहूं की फसल मौसम की मार से खराब हो चुकी है। इससे पहले होली के दिन घर में आग लग गई थी, जिसमें काफी सामान जलकर नष्ट हो गया था। छोटी बेटी राधा की शादी की 40 हजार देनदारी अभी बाकी है। चमेली के मुताबिक शराब पीने की लत के चलते वह बीमार रहते थे। सुबह बिस्तर से उठने के बाद वह लड़खड़ाकर गिर गए जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। छंगालाल अपने पीछे दो विवाहित पुत्रियों मीना देवी, राधादेवी, तीन बेटे रामकिशोर, सुनील और अनिल छोड़ गया है इसमें रामकिशोर की शादी हो चुकी है। मृतक की पत्नी चमेली देवी और बड़े बेटे रामकिशोर का कहना है कि होली के दिन उसके घर में आग लग गई थी। उधर, खेत में खड़ी गेहूं की फसल मौसम के कहर में चली गई। इसी बीच छोटी बेटी राधा की शादी होनी थी, जिसकी शादी 40 हजार रुपये इधर-उधर कर्ज लेकर करनी पड़ी। कर्ज के गम में छंगालाल बीमार पड़ गए जिन्हें शराब पीने की लत लग गई थी।
किसान की मौत बीमारी से हुई है। परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम और किसी भी कार्रवाई से इनकार का पत्र दिया है, इसीलिए उन्हें शव का दाह संस्कार करने की अनुमति दे दी गई है। परिवार को यथासंभव मदद दिलाई जाएगी।
-विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम
किसान ने न तो आत्महत्या की और न ही उसकी फसल चौपट हुई है, बल्कि मृतक मजदूरी पेशा गरीब परिवार से था।
-राजपाल सिंह, कार्यवाहक एसओ