साइकिल से दूध लेकर बेलरायां गए दूधिए को अगवा कर लिया गया। फोन के जरिए परिवार वालों से अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख की फिरौती मांगी हैं। एसओ ने कहा कि मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच के बाद ही असलियत सामने आएगी।
गांव मनमदपुर निवासी चंद्रिका यादव ने बताया कि उसका 35 वर्षीय बेटा रामनिवास हर दिन की तरह शुक्रवार दोपहर 12 बजे साइकिल से दूध देने के लिए बेलरायां गया था। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा तो उसके परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रामनिवास की साइकिल और दूध से भरे डिब्बे सिद्ध बाबा स्थान के पास पड़े मिले। पुलिस को सूचना देने के बाद परिवार वाले डिब्बों और साइकिल को घर लेकर आ गए। शाम करीब छह बजे चंद्रिका के नंबर पर फोन आया कि उसके बेटे को अगवा कर लिया गया है यदि बेटे को जिंदा देखना चाहते हो तो 10 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। इतना कहने के बाद फोन कट गया। अपहरण की बात सुनकर परिवार वालों में हड़कंप मच गया।
एसओ निघासन जेपी यादव के अनुसार प्रथम दृष्टया जांच में लापता युवक का जमीनी विवाद सामने आया है। किसी ने भी तहरीर नहीं दी है। इसके बावजूद पुलिस मामले की जांच कर शीघ्र ही घटना का खुलासा करेगी।