शुक्रवार को व्हाट्सएप पर डीएम किंजल सिंह के तबादले की पोस्ट वायरल हो गई, जिसके बाद देर रात को सहायक निदेशक सूचना की ओर से सदर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा (66 बी) के तहत कार्रवाई की है और मामले की जांच क्राइम ब्रांच/साइबर सेल को सौंपी गई।
सहायक सूचना निदेशक की ओर से कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि सोशल मीडिया पर डीएम के स्थानांतरण हो जाने की फर्जी खबर पोस्ट की गई, जबकि शासन से कोई आदेश नहीं हुआ है। इस भ्रामक खबर पर उन्होंने कार्रवाई की मांग की, जिस पर कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की धारा 66 बी के तहत दर्ज की है। कोतवाल रंजीत सिंह यादव के अनुसार इस धारा का अभिप्राय कंप्यूटर/मोबाइल द्वारा किसी को परेशान करने के लिए भ्रामक सूचना फैलाना है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच/साइबर सेल को सौंप दी है।
चार माह पहले भी दर्ज हुआ था मुकदमा
लखीमपुर खीरी। व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट डालने को लेकर यह पहला मामला नहीं है। बता दें कि एक ग्रुप पर डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में 15 अप्रैल 2015 को सदर कोतवाली में प्रभारी जिला सूचना अधिकारी प्रदीप सिंह चौहान की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। तब पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर चालान भेजा था।