हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण की अनुमति लेने गए थे युवक
जालसाजी का शक होने पर डीएम ने बुलाई पुलिस
हेपेटाइटिस बी टीकाकरण करने की अनुमति लेने पहुंचे तीन युवकों को शक होने पर डीएम ने बैठा लिया और सदर कोतवाली पुलिस को बुलाकर सुपुर्द कर दिया। पकड़े गए दो युवक संभल और एक युवक सीतापुर का रहने वाला है।
सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे डीएम आकाशदीप कार्यालय में बैठकर जन समस्याएं सुन रहे थे। इसी बीच तीन युवक उनके पास पहुंचे। युवकों ने सीएमओ का एक लेटर संलग्न कर हेपेटाइटिस बी के टीकारण की अनुमति मांगी। डीएम ने जब तीनों युवकों से पूछताछ के साथ कई सवाल दागे तो तीनों युवक सकपका गए। डीएम ने जब पूछताछ कि तो युवकों ने बताया कि वह गायत्री शिक्षा संस्थान के नाम से संचालित एक एनजीओ में काम करते हैं। एनजीओ का दफ्तर शहर के एक धर्मशाला में हैं। हम लोग पहले सर्वे करते हैं। अगले दिन कैंप लगाकर उन्हें कार्ड वितरित करते हैं। इसकी एवज में सर्वे के दौरान ही 100 रुपये प्रति व्यक्ति से कार्ड की फीस ली जाती है। इस पर डीएम को शक हुआ कि तीनों जालसाज हैं। उन्होंने तीनों युवकों को अपने दफ्तर में बैठा लिया और सदर कोतवाली पुलिस को बुलाकर सौंप दिया। एसएसआई केबी सिंह ने बताया कि तीनों युवक पुलिस की हिरासत में हैं, जिनसे अभी पूछताछ नहीं की जा सकी है। पूछताछ होने के बाद ही क्या सच्चाई है, इसकी जानकारी हो सकेगी। जांच में यदि तीनों आरोपी जालसाज मिलते हैं तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हेपेटाइटिस बी और टायफाइड के टीकाकरण की अनुमति लेने के लिए तीन युवक आए थे, लेकिन टीकाकरण के संबंध में सटीक जानकारी नहीं दे सके। युवकों के संदिग्ध लगने पर उन्हें कोतवाली पुलिस के हवाले किया गया है, जिससे पुलिस जांच कर देाषी पाए जाने पर कार्रवाई करे।
आकाशदीप, डीएम