दीपेश मामले में पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, बलवा आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक साल पहले इन्हीं आरोपियों ने दीपेश पर हमला बोला था। यदि उस समय पुलिस कार्रवाई करती तो शायद दीपेश की जान नहीं जाती।
बता दें कि कस्बा निवासी दीपेश पढुआ चौकी क्षेत्र के अंतर्वेद जंगल में स्थित बाग की रखवाली करता था। शुक्रवार दोपहर बच्चों को आम बीनने और तोड़ने से मना किया। बच्चों ने अपने घर जाकर सारी घटना से अवगत कराया। आरोप है कि लाठी-डंडों से लैस होकर आधादर्जन हमलावर आए और दीपेश की लाठी-डंडों से पिटाई कर उसको गोली मार दी। गोली लगने से उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई। दीपेश के मंझले भाई सतीश की तहरीर पर पुलिस ने मुन्ना पुरवा निवासी गुड्डू, सिराजुद्दीन, शफीक, बाबू और सलीम के खिलाफ गैरइरादन हत्या और बलवा की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने गुड्डू, सिराजुद्दीन, शफीक और बाबू को गिरफ्तार किया है। सलीम फरार बताया जाता है। मृतक के पिता जगमोहन ने बताया कि जमीन न होने के कारण वह हर साल वहीं पर बाग की रखवाली करता था। एक साल पहले भी आम तोड़ने को लेकर इन लोगों ने बाइक से जा रहे दीपेश पर बांके से प्रहार किया था, जिससे दीपेश को चोट आई थी और बाइक की लाइट भी टूट गई थी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर मौका मुआयना करना तक उचित नहीं समझा था। दीपेश का अंतिम संस्कार सरयू नदी के किनारे हुआ।