बीटीसी प्रशिक्षण में फर्जीवाड़ा की शिकायत पर कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। एक वकील की अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम डॉ. दीनानाथ ने डायट प्राचार्या और उनके पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अदालत में अर्जी दाखिल करते हुए गोला गोकर्णनाथ निवासी संतोष त्रिपाठी एडवोकेट ने आरटीआई के तहत बीटीसी वर्ष 2014 के चयनित और गैर चयनित अभ्यर्थियों की सूची मांगी थी। इसके बाद उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े कई प्रपत्र भी संकलित किए थे। आरोप है कि डायट प्राचार्या मीरा त्रिपाठी ने वर्ष 2014 में बीटीसी प्रशिक्षण के लिए 195 अभ्यर्थियों की सूची दी थी। इसके बाद तीन प्रशिक्षार्थियों को निजी बीटीसी कालेज में अंतरित कर दिया था। इस प्रकार कालेज में 192 ही छात्र संख्या होनी चाहिए। इस बाबत एडवोकेट संतोष त्रिपाठी ने अदालत से रिपोर्ट दर्ज कराने का अनुरोध करते हुए बताया कि प्राचार्य मीरा त्रिपाठी और उनके पति रामप्रसाद त्रिपाठी पर मिथ्या प्रलेख तैयार कर और कूटरचना करते हुए विद्यालय की उपस्थिति पंजिकाओं में भी गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। आरोप यह भी है कि रोली वर्मा, नैना अग्रवाल, अभय सरोज और रंजू यादव नाम के चार अभ्यर्थियों का नाम फर्जी तरीके से अंकित कर लिया गया है। इस समय 196 अभ्यर्थी प्रशिक्षण पा रहे हैं, जबकि होना 192 चाहिए।
सीजेएम डॉ. दीनानाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर कोतवाल को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। साथ ही 24 घंटे के भीतर एफआईआर की कापी अदालत में दाखिल करने को निर्देशित किया है।