बैठक में बोले एएसपी और एडीएम, समझौता न मानने वालों पर होगी कार्रवाई
बड़ागांव के पुराने फैसले में पांच घंटे चली वार्ता में ताजियादारों में नहीं बनी आम सहमति
बड़ागांव में ताजिया रखने को लेकर चल रहे विवाद को निपटाने के लिए मंगलवार को एक बार फिर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने दोनों समुदायों के साथ बैठक की। समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया, लेकिन पूर्व में हुए समझौते को मानने में ताजिएदारों में आम सहमति नहीं बनने से बैठक में कोई हल नहीं निकल सका। एएसपी ने बैठक में साफ शब्दों में कहा कि पूर्व समझौते का पालन नहीं हुआ तो पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।
बड़ागांव में करीब चार साल से धार्मिक स्थल पर ताजिए रखने को लेकर विवाद चल रहा है। साल भर पहले हुए समझौते को ताजियादारों ने इस बार मानने से इंकार कर दिया है। एक पक्ष पूज्यनीय वृक्ष के नीचे ताजिया रखने और मातम मनाने की जिद पर अड़े हैं। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने पखवाड़े भर में दोनों पक्षों के साथ कई बार बैठकें कीं और विवाद का हल निकालने की कोशिश की, लेकिन ताजिएदारों की जिद के कारण बैठकों में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका।
मंगलवार को एडीएम उमेश नरायन पांडेय, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी और सीओ सिटी एमपी सिंह एक बार फिर गांव पहुंचे और दोनों पक्षों के साथ बैठक कर विवाद का हल निकालने की कोशिश की, लेकिन पुराने फैसले को लेकर ताजिएदारों में आम सहमति नहीं बनीं। करीब पांच घंटे चली वार्ता और माथापच्ची के बाद भी कोई सकारात्मक हल न निकलने पर अधिकारी वापस लौट गए। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पूर्व में जो फैसला हुआ है, वही लागू होगा। ताजिएदारों से कहा गया है कि वह इस बार पूर्व समझौते के तहत ही ताजिए निकालें। इसके बाद 16-17 अक्तूबर में उनके साथ बैठक कर प्रशासन नए सिरे से समझौते का प्रयास करेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि धार्मिक स्थल की भूमि पर जबरन किसी भी कीमत पर ताजिए रखकर नई परंपरा नहीं डालने दी जाएगी। यदि फैसले को तोड़ने की कोशिश की गई तो पुलिस सख्ती से निपटेगी। गांव में ऐहितयातन तौर पर दो प्लाटून पीएसी और कई एसओ के साथ भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।