बरमबाबा चौराहे पर सीमेंट-खाद की दुकान का शटर खोलते समय दो मजदूरों की मौत हो गई। मरने वालों में एक मजदूर उसी दुकान पर काम करता था, दूसरा मजदूर दुकान पर सीमेंट लेने आया था। दो मौतों से गुस्साए ग्रामीणों ने भीरा-लखीमपुर राज्यमार्ग जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद एसडीएम पलिया और सीओ गोला के समझाने पर लोग माने, तब जाकर जाम खुल सका।
भीरा कस्बा निवासी नीरज शुक्ला की बरमबाबा चौराहे पर आभाष फर्टिलाइजर्स नाम से खाद और सीमेंट बिक्री की दुकान है। बुधवार की सुबह करीब पौने आठ बजे नीरज ने बरमबाबा चौराहे पहुंचकर दुकान खोलने के लिए चाबी अपने नौकर दाताराम (50) निवासी चूराटांडा को दे दी। दुकान पर सीमेंट लेने आए गड़रियनपुरवा निवासी मटरू (35) और दाताराम मिलकर शटर उठाने लगे, इसी बीच पास से निकला तार शटर में छू गया, जिससे शटर में करंट उतरने से दोनों लोग चिपक गए और कुछ पलों में दोनो की मौत हो गई। दो लोगों की मौत होने से नीरज शुक्ला मौके से भाग खड़े हुए, गुस्साए लोगों ने भीरा-लखीमपुर राज्य मार्ग को जाम लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। पविारवालों का आरोप था कि नीरज अपनी दुकान को चोरों से बचाने के लिए शटर में करंट छोड़ देते हैं, इसी के चलते हादसा हुआ। मौके पर पहुंचे भीरा एसओ ब्रजराज यादव और चौकी इंचार्ज डीके शुक्ला से ग्रामीणों की कई बार नोकझोंक भी हुई। करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम शादाब असलम और सीओ गोला मधुबन कुमार सिंह की मध्यस्थता में ग्रामीणों की बात हुई। मृतक के परिवार वालों को दुकान स्वामी की ओर से एक-एक लाख रुपये देने की बात पर समझौता हुआ। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खत्म किया। दिन में 11 बजे पुलिस ने समझौता होने के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा।
दो परिवार पर हालात एक जैसे
बिजुआ। चूराटांडा के दाताराम और गड़रियनपुरवा के रहने वाले मटरू के गांव भले अलग हों, लेकिन परिवार के हालात एक जैसे हैं। मटरू के पास एक बिस्वा भी जमीन नही है, एक बेटा और एक बेटी के अलावा मां और पत्नी की जिम्मेदारी उस पर थी। बुधवार को मटरू ढखिया गांव में काम करने गया था, वहां से वह सीमेंट लेने के लिए नीरज की दुकान पर आया था, उसे क्या पता था कि उसकी मौत यहां इंतजार कर रही है।
चूरा टांडा के दाताराम के एक बेटा और बेटी हैं, दोनों की शादी हो चुकी है, पूरे परिवार की जिम्मेदारी दाताराम पर थी, दताराम तीन माह से नीरज के पास नौकरी करता था। बुधवार को वह घर से खाना खाकर जब निकला तो शाम को जल्दी ही वापस आने का वादा भी किया, लेकिन उसकी मौत उसे अपने साथ ले गई।
विधायक रोमी साहनी ने दिया मदद का आश्वासन
दो ग्रामीणों की मौत की खबर पाकर विधायक रोमी साहनी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया और हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे तक विधायक मौके पर ही मौजूद रहे।