- पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो भड़का गुस्सा
- कोतवाली के सामने लाश रखकर किया विरोध
कोतवाली मोहम्मदी के धर्मपुर निवासी 35 वर्षीय रामदास को दिवाली के दिन दबंगों ने पीटकर बेदम कर दिया था। परिवार वाले उसे कोतवाली ले गए तो पुलिस ने टरका दिया। मोहम्मदी अस्पताल ले जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई, जिससे परिवार के लोग भड़क उठे और कोतवाली के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस ने मामले को दर्जकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव धर्मपुर निवासी रामबहाल ने बताया कि 29 अक्तूबर की शाम करीब सात बजे उसका भाई रामदास मजदूरी करके घर जा रहा था। तभी गांव के बालकराम, आशाराम, रामप्रसाद, जगन्नाथ तथा पच्चू ने भाई को रोक लिया और गालीगलौज करने लगे। भाई ने जब गाली देने से मना किया तो पांचों लोग उस पर हमलावर हो गए और उसके भाई की लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी। मारपीट की सूचना पर जब वह लोग मौके पर पहुंचे तो हमलावर उसके भाई को मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकले।
परिवार के लोग अगले दिन सुबह उसे कोतवाली लेकर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने न तो उसका इलाज कराया न रिपोर्ट दर्ज की, बल्कि यह कहकर टरका दिया कि कहीं इलाज करा लो। जब भाई को इलाज के लिए मोहम्मदी सीएचसी ले जाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने रास्ते की घेराबंदी कर दी, जिससे वह लोग भाई को अस्पताल नहीं ले जा सके। सुबह गांव वालों के सहयोग से भाई रामदास को मोहम्मदी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही भाई ने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिवार के लोग कोतवाली पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने टरकाना शुरू कर दिया। जिससे लोग भड़क उठे और मैजिक में लदी लाश को लेकर कोतवाली गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धारा 147, 148, 304 तथा 504 आईपीसी के तहत रिपोर्ट कर ली है। एसएसआई तौसीफ खां ने बताया कि जब रिपोर्ट दर्ज कर ली आरोपियों की तलाश की जा रही है। उधर चर्चा है कि एक सपा नेता इस मामले में समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे, इस वजह से पुलिस ने इस मामले को हल्के में लिया।
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भाइयों में तीसरे नंबर का था मृतक रामदास
मोहम्मदी। ग्राम धरमपुर निवासी मृतक रामदास चार भाइयों नन्हे, रामू और रामबहाल में तीसरे नंबर का था। चारों भाइयों में सिर्फ बड़े भाई नन्हे की शादी हो चुकी है। रामदास की मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।