मामला खुला तो वनविभाग ने की फारेस्ट एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से रविवार की रात लकड़कट्टों ने गांव अलीनगर में आम के 23 हरे पेड़ों को काट डाला। जब मामला उजागर हुआ तो वनविभाग ने आनन-फानन में फारेस्ट अधिनियम के तहत बाग मालिक और लकड़कट्टों के खिलाफ कार्रवाई कर दी।
गांव अलीनगर निवासी नरवीर ने अपना बाग बेच दिया था, जिसमें आम के 23 हरे भरे पेड़ खड़े थे, जिन पर वन विभाग तथा पुलिस की मिली भगत से लकड़कट्टों ने शनिवार की रात आरा चला दिया और सारे पेड़ रात भर में काट डाले। इसकी जानकारी वन विभाग और पुलिस को नहीं हुई। वन विभाग के अधिकारियों से जब कटान के बावत जानकारी ली गई, तो उन्होंने इंकार कर दिया। पुलिस ने भी कोई जानकारी न होने की बात कही। मामला चर्चा में आने के बाद वन विभाग ने अपनी गर्दन फंसती देखी तो आनन-फानन में बाग मालिक और लकड़कट्टों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। वनरक्षक शिव कुमार का कहना है कि बाग मालिक नरवीर सिंह, मोबीन, इदरीश, छंगा, शफाकत निवासी पाल अभय कचनार के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। आरा मशीन के मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।