जिले में बीते 24 घंटे में दो किसानों की फसल की बर्बादी के सदमे से मौत हो गई। अमीरनगर। तहसील गोला क्षेत्र के गांव हकीमपुर निवासी गया प्रसाद (45) शनिवार दोपहर अपने खेत में गेहूं की गहाई करा रहे थे, जिसमें करीब ढाई बीघे खेत में डेढ़ क्विंटल गेहूं निकलने पर उसे गहरा सदमा लगा जिससे उनका सिर चकराया और चारपाई पर लेट गए। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। मृतक के बड़े पुत्र रामसरन ने बताया कि उसके पिता पर अमीरनगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का 50 हजार रुपया तथा एक महाजन का 10 हजार रुपये का कर्जा था। उसने यह भी बताया कि उसकी शादी 30 अप्रैल को थाना मितौली के लक्ष्मीपुर गंाव से होनी थी जिसके लिए सामान खरीदने के लिए गेहूं की गहाई कर रहा था। मृतक के चार लड़के रामसरन, प्रदीप, रामनिवास, लालाराम तथा एक विवाहित लड़की है। मौके पर पहुंचे तहसीलदार गोला अभिमन्यु वर्मा ने किसान की मौत को स्वाभाविक मौत बताया तथा परिवार के लोगों के कहने पर लाश को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा है।
जंगबहादुरगंज। पसगवां थाना क्षेत्र की ग्रामसभा कल्लुआ के मजरा भैंसटा निवासी 55 वर्षीय किसान परशुराम फसल बर्बाद होने से काफी चिंतित था। परिवार वालों के मुताबिक बेमौसम बारिश से पांच बीघे गेहूं की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी थी। जबकि 24 अप्रैल को परशुराम के तीसरे पुत्र पप्पू की शादी थी। शादी के लिए परशुराम के पास पैसा नहीं था। उसकी सारी उम्मीद गेहूं की फसल पर ही टिकी थी। बारिश से फसल बर्बाद होने के बाद परशुराम ने शादी के खर्चे के लिए उचौलिया में स्थित एक बैंक से भी संपर्क साधा लेकिन किन्हीं वजहों से उसे बैंक से कर्ज नहीं मिल पाया। परिवार वालों ने बताया कि परशुराम को फसल बर्बाद होने और पुत्र की शादी की चिंता सता रही थी। शुक्रवार को उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। परशुराम के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा धनीराम, कप्तान, पप्पू समेत पांच बेटे-बेटियां हैं। किसान की मौत की सूचना मिलने पर शनिवार को एसडीएम सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, सीओ अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली और उन्हें ढाढ़स बंधाया। एसडीएम ने बताया कि मृतक के घरवालों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।