सदर कोतवाली के गांव अमकोटवा में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के बाद रविवार की रात को शिकायत करने 70 वर्षीय वृद्धा अपने पोता के साथ महेवागंज पुलिस चौकी पहुंची, जहां उसकी तबियत अचानक खराब हो गई। पुलिस ने वृद्धा को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पुत्री ने चौकी इंचार्ज पर धक्का देने का आरोप लगाते हुए डीएम और एसपी से शिकायत की है।
अमकोटवा गांव निवासी 70 वर्षीय वृद्धा शांती देवी के परिवार वालों और दूसरे पक्ष के केदारी, राजकुमार आदि के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई थी। इसकी शिकायत लेकर शांती रविवार की देरशाम करीब आठ बजे महेवागंज चौकी पहुंची, उनके साथ में पोता अमरपाल भी था। रंजना देवी पत्नी श्रीकेशन ने आरोप लगाया है कि गांव के केदारी, राजकुमार, गूटा देवी पत्नी बाबूराम, सहेला पत्नी केदारी ने उसके साथ मारपीट की थी।
जिसकी शिकायत लेकर उसकी मां शांती पुलिस चौकी गई थीं। आरोप है कि चौकी इंचार्ज जावेद खां ने उसकी मां का हाथ पकड़कर धक्का देकर भाग जाने को कहा, जिससे शांती गिर गईं। इसके बाद सादे कागज पर पुलिस ने परिवार वालों से हस्ताक्षर और अंगूठे लगवा लिए। रंजना ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर सक्षम अधिकारी से जांच कराने की मांग ढकी है। उधर, चौकी इंचार्ज समीर जावेद ने बताया है कि टटिया को लेकर विवाद था। वृद्धा की सूचना पर रात में ही तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वृद्धा को धक्का देने का आरोप निराधार है।
एसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि बिसरा प्रिजर्व किया गया है। शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे रात में ठंड या हार्टअटैक से मौत होना संभव प्रतीत होता है।