थाने में तैनात एक दरोगा और तीन सिपाहियों पर निलंबन की गाज गिरी है। सीओ निघासन की रिपोर्ट पर एसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने ये कार्रवाई की है, जिसमें रात्रि गश्त में न निकलने का आरोप है। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में हड़कंप है।
थाना क्षेत्र में लगातार हो रही लूट, चोरी और डकैती के मामलो में नाकाम रहे एसओ को सोमवार की रात हटा दिया गया था। इसके बाद मंगलवार की देरशाम एसपी अखिलेश चौरसिया ने हल्का नंबर दो में तैनात दरोगा सुरेश कुमार, सिपाही योगेंद्र, सत्यप्रकाश पटेल और एक नंबर में तैनात सिपाही शत्रुघ्न दुबे को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई की बावत एसपी ने बताया है कि चोरी-लूूट की घटनाओं को रोकने के लिए रात में गश्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद यह लोग रात में गश्त करने के लिए नहीं निकल रहे थे, जिसकी रिपोर्ट सीओ निघासन ने भेजी थी।
कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
हल्का नंबर दो में छह माह से अधिक का समय व्यतीत कर चुके तीन सिपाहियों और करीब एक माह से अधिक समय से तैनात एक दरोगा पर कार्रवाई न होना लोगों को असमंजस में डाल रहा है। लोगों की माने तो उस दरोगा के चार्ज लेने के बाद बिनौरा, टांडा और धरमापुर में लूट की घटनाएं हुई थी। एक नंबर हल्के में तैनात सिपाही शत्रुघ्न दुबे का निलंबन किसी के गले नहीं उतर रहा है।