शहर में सीसीटीवी लगाए गए हैं, लेकिन निगरानी के लिए इंतजाम पूरे नहीं हुए हैं। खासकर कंट्रोल रूम नहीं बनाया गया है। ऐसे में जिस उद्देश्य के लिए कैमरे लगाए गए हैं, उस मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
बता दें कि आपराधिक घटनाओं, वाहन चोरी, स्कूलों एवं बाजारों में छेड़खानी और सरकारी दफ्तरों में दलाली को रोकने के लिए सीसीटीएनएस योजना के अंतर्गत शहर में 44 जगहों पर कैमरा लगाने के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें 33 कैमरे लग भी गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सभी कैमरे चालू हालत में हैं, लेकिन इन कैमरों पर आने वाली तस्वीरों की निगरानी नहीं हो रही है। कहा गया कि पुलिस लाइंस में कंट्रोल रूम स्थापित कर शहर के मुख्य चौराहों, स्कूलों, रेलवे स्टेशन, रोडवेज, जिला एवं महिला अस्पताल, दीवानी कोर्ट परिसर में लगे कैमरों की निगरानी की जाएगी। सीओ सिटी एमपी सिंह को इसका प्रभारी बनाया गया। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी कंट्रोल रूम की स्थापना नहीं हो पाई है। ऐसे में जगह-जगह लगे सीसीटीवी अभी तक सिर्फ शोपीस बने हुए हैं। हालांकि सीओ सिटी एमपी सिंह का कहना है कि कैमरे लगवाने का काम पूरा हो चुका है। अब जल्द ही कंट्रोल रूम बनाकर शहर और सरकारी दफ्तरों की गतिविधियों पर नजर रखने का काम शुरू कर दिया जाएगा।