दोनों पक्षों में सुलह कराने के लिए आई डॉक्टरों की टीम
दवा स्टाक रजिस्टर और अन्य कागजों पर हस्ताक्षर कराने को लेकर सीएचसी प्रभारी और कर्मचारियों में नोकझोंक हो गई। मामले को लेकर पूरे दिन अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल रहा। दोपहर बाद डॉक्टरों की एक टीम आई पर दोनों पक्षों में सुलह नहीं हो सकी।
सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट बीएन सिंह, राहुल, पुनीत समेत करीब एक दर्जन कर्मचारियों ने सीएचसी प्रभारी पर आरोप लगाया कि वह समय से कागजों पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, जिससे कई काम पेंडिग पड़े रहते हैं। आरोप है कि चार माह पहले लालजी पासी के चार्ज लेने के बाद अस्पताल की व्यवस्था खराब हो गई। हस्ताक्षर न करने के कारण बहुत से कार्य पेंडिंग पड़े हैं। उसके बाद वह उल्टे कर्मचारियों पर ही आरोप लगा देते हैं। बुधवार की सुबह फार्मासिस्ट समेत कई कर्मचारी हस्ताक्षर कराने के लिए प्रभारी लालजी पासी के पास गए। आरोप है कि वह अपने चेंबर में बैठे थे, उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। कर्मचारियों ने प्रभारी से हस्ताक्षर न करने का कारण पूछा। सही जवाब न मिलने पर कर्मचारी उनसे भिड़ गए। सीएचसी के अंदर तू-तू मैं-मैं होता हुआ देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी तरह से लोगों ने मामले को शांत कराया। मामले की जानकारी होने पर डॉक्टर संघ प्रांतीय अध्यक्ष अमिकेश द्विवेदी समेत करीब आधा दर्जन डॉक्टरों की टीम सीएचसी आ धमकी पर सुलह नहीं हो सकी। सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने बताया कि क्षेत्र में भ्रमण पर जाने के कारण हस्ताक्षर करने से मना किया था। हस्ताक्षर करने में देरी नहीं करते हैँ। आरोप निराधार है।