जिले में एनआरएचएम घोटाले से जुड़े महेंद्र शर्मा हत्याकांड को लेकर सीबीआई के डीआईजी डीके गोस्वामी के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार को पसगवां सीएचसी में जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। टीम ने सीएचसी के अलावा पसगवां थाने में जाकर एफआईआर और आवश्यक अभिलेखों का निरीक्षण किया।
15 फरवरी 2012 को पसगवां में तैनात लिपिक महेंद्र शर्मा का शव उन्हीं के कमरे के कुंडे में लटकता हुआ मिला था। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला था। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने उस समय महेंद्र शर्मा के आत्महत्या करने की बात कही थी लेकिन मृतक के परिवार के लोगों ने एनआरएचएम घोटाले के चलते महेंद्र शर्मा की हत्या का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई थी। परिवार वालों की मांग पर सीबीआई जांच शुरू हुई थी। इस संबंध में शुक्रवार को सीबीआई के डीआईजी डीके गोस्वामी और एम्स दिल्ली के डॉक्टर आदर्श कुमार की टीम ने पसगवां सीएचसी पहुंचकर जिस कमरे में महेंद्र शर्मा का शव मिला था उसकी सील तुड़वाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने पास का वह कमरा जिसमें अस्पताल के संबंधित रिकार्ड थे उसकी भी सील तुड़वाकर अभिलेख देखे तथा आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद टीम के लोगों ने थाना पसगवां जाकर महेंद्र शर्मा हत्याकांड की एफआईआर तथा अन्य साक्ष्य खंगाले। सीबीआई टीम ने इस संबंध में पसगवां के सीएचसी अधीक्षक डॉ.एके सिंह से भी आवश्यक पूछताछ की। इससे पूर्व सीबीआई टीम ने गुरुवार को लखीमपुर में सीएमओ कार्यालय आकर यहां संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण किया था।