तीन सर्किल की 18 दुकानों का हुआ व्यवस्थापन
14 लोगों में सिर्फ दो पार्टनरों ने लगाई बोली
गत वर्ष से इस वर्ष चार फीसदी लाइसेंस शुल्क बढ़ा
वर्ष 2016-17 के लिए 18 भांग ठेकों की नीलामी गुरुवार को हुई, जिसमें फुटकर दुकानों के लिए किसी ने बोली नहीं लगाई। जबकि 50 हजार रुपये से हासिल हाल टिकट लेकर 14 लोग नीलामी में शामिल हुए। नीलामी के लिए बोली लगाई सिर्फ दो लोगों ने, जो भांग के कारोबार में पार्टनर हैं। यह नजारा देख एडीएम एसपी सिंह भी हतप्रभ दिखे, तो आबकारी विभाग के अधिकारी मौन साधे रहे।
जिले में शराब के साथ ही भांग दुकानों का व्यवस्थापन कराया जा रहा है। चार में से तीन सर्किल में 18 भांग की दुकानें हैं, जिनके लिए गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में एडीएम की अध्यक्षता में नीलामी की गई। नीलामी में शामिल होने के लिए हाल टिकट लेना अनिवार्य था, जिसके लिए 50 हजार रुपये जमा कराए गए। 14 लोग हाल टिकट लेकर नीलामी में शामिल हुए, तो एडीएम के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी ईश्वरदयाल ने दुकानवार बोली लगाने के लिए लोगों को आमंत्रित किया।
किसी ने फुटकर दुकान लेने में इच्छा नहीं जताई, जिसके बाद सर्किल वार नीलामी शुरू की गई। सर्किल प्रथम लखीमपुर के लिए 10.50 लाख से बोली शुरू हुई, जिसमें रामनरायन जायसवाल ने पहली बोली 10.60 लाख की लगाई। इसके बाद देशराज जायसवाल ने 10.70 लाख, फिर रामनरायन ने 10.75 और आखिरी देशराज की बोली 10.80 लाख समाप्त हो गई। इसके बाद सर्किल द्वितीय के लिए 4.75 लाख से बोली शुरू हुई, जिसमें भी रामनरायन ने 4.80 लाख, फिर देशराज ने 4.85 लाख से होते हुए आखिरी बोली देशराज की पांच लाख पर छूटी। सर्किल चतुर्थ के लिए 32 हजार से बोली शुरू हुई, जिसमें देशराज ने पहली और आखिरी बोली 33 हजार की लगाई।
इसके बाद एडीएम एसपी सिंह ने स्त्रित्त्फर से बोली लगाने के लिए अन्य लोगों को आमंत्रित किया, लेकिन किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई। जिला आबकारी अधिकारी ईश्वरदयाल ने बताया कि पिछले वर्ष से इस वर्ष चार फीसदी लाइसेंस फीस बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान आबकारी निरीक्षक संतोष कुमार, दिलीप वर्मा, एसपी मल्ल आदि मौजूद रहे।
दुकान लेने के इच्छुक 14 लोग ही हाल टिकट लेकर नीलामी में शामिल हुए, लेकिन दो को छोड़ अन्य लोगों ने बोली नहीं लगाई है। कारणों के बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है।
-ईश्वरदयाल, जिला आबकारी अधिकारी