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शाखा प्रबंधक की पिटाई कर पत्नी से लूटे जेवर

Tue, 27 Sep 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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बदमाश - फोटो : अमर उजाला
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शहर के पीके इंटर कॉलेज के पास हुई घटना, इधर से उधर टहलाती रही पुलिस, नहीं ली तहरीर 
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बाइक सवार तीन लुटेरों ने पीके इंटर कॉलेज के निकट गली में शिव कॉलोनी निवासी सहारा इंडिया परिवार शाखा कार्यालय मितौली के शाखा प्रबंधक श्रीकांत मिश्रा की बाइक रोक ली और तमंचे के बल पर उनकी पत्नी के जेवर और पर्स लूट लिया। विरोध करने पर शाखा प्रबंधक के सिर पर तमंचे की बट मार दी, जिससे वह घायल हो गए। घायल शाखा मैनेजर घटना के बाद से दो चौकियों और कोतवाली के बीच चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस उन्हें इधर-उधर टहलाती रही। पुलिस ने रिपोर्ट लिखना तो दूर दूसरे दिन भी घटना की तहरीर नहीं ली। 
मोहल्ला शिव कॉलोनी निवासी श्रीकांत मिश्रा ने बताया उनकी पत्नी कई दिनों से बीमार हैं। रविवार की शाम वह शहर के एक निजी अस्पताल से पत्नी को दवा दिलाकर घर लौट रहे थे। बेहजम रोड पर स्थित पीके इंटर कॉलेज के पास की गली में शाम करीब नौ बजे पीछे से आए तीन युवकों ने ओवरटेक कर उनकी बाइक रोक ली और तमंचे के बल पर पत्नी की झुमकी, बाली और गले से पैंडिल और सोने की माला उतरवा लिया। हाथ से पर्स छीन लिया। जब उन्होंने विरोध किया तो उनके सिर पर तमंचे की बट मार दी और भाग निकले। पर्स में ढाई हजार रुपये और अन्य सामान था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर तहरीर तक नहीं ली।  
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कप्तान साहब, चौकी पर ही बैठी रही आपकी पुलिस 
शाखा प्रबंधक श्रीकांत मिश्रा ने भागते समय बदमाशों का बाइक का नंबर नोट कर लिया और एलआरपी पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने चौकी इंचार्ज संजय सिंह को पूरी घटना और बाइक का नंबर बताया, लेकिन चौकी इंचार्ज ने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। चौकी इंचार्ज ने घटना संकटा देवी चौकी की बताकर उन्हें संकटा देवी पुलिस चौकी भेज दिया। यहां पर भी पुलिस ने घटना अनसुनी कर दी और उन्हें कोतवाली सदर भेजा। वह जब कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें सुबह आने की बात कहकर टरका दिया। शाखा प्रबंधक ने बताया कि जब वह सुबह कोतवाली पहुंचे तो राहुल गांधी का कार्यक्रम होने के कारण व्यस्तता बताते हुए पुलिस ने उन्हें शाम को आने की बात कहकर लौटा दिया। उन्होंने जब तहरीर देने का प्रयास किया तो पुलिस ने तहरीर भी नहीं ली।  

बाइक का नंबर ट्रेस करती तो पकड़े जाते बदमाश 
पीड़ित शाखा प्रबंधक ने बाइक का रंग, नंबर और बदमाशों की हुलिया पुलिस को बताया। यदि पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती और चेकिंग करती तो शायद बदमाश भागने में सफल नहीं हो पाते। खास बात तो यह है कि दूसरे दिन भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई। पुलिस ने बाइक किसकी है? घटना में कौन लोग शामिल हैं? इसका भी पता लगाने की जरूरत नहीं समझी। 
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घटना मेरे संज्ञान में नहीं है। चौकी पुलिस को यदि सूचना थी तो मौके पर जाना चाहिए और उन्हें मुझसे बताना चाहिए था। राहुल गांधी के कार्यक्रम स्थल से लौटने पर मामले की जानकारी करता हूं। पीड़ित की तहरीर लेकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। 
-रामजी चौधरी, सदर कोतवाल
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