फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा बंधे के अंदर बसे नरहर गांव के पास बाढ़ की तेज धार से एक नाव पलट गई, जिससे नाव सवार सात लोग बाढ़ की तेज धार में बहने लगे। इनमें से छह लोगों को समय रहते बचा लिया गया, जबकि एक वृद्ध बह गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश की जा रही है।
चौबीस घंटे में नाव पलटने की दूसरी घटना के बावजूद प्रशासन ने बचाव राहत के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए, इससे ग्रामीणों में रोष है। बृहस्पतिवार की सुबह नरहर गांव से कुछ लोग रोजमर्रा और दवाई लेने मिलपुरवा बाजार गए थे। दोपहर गांव के गया प्रसाद, शंभू, बादशाह, फजर अली, रमेश, बचान, राजाराम और बुजुर्ग सोहन समेत सात लोग नाव से गांव लौट रहे थे। बताते हैं कि मझधार में पहुंचते ही नाव अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे नाव में सवार सातों लोग पानी की धार में बहने लगे।
चीखपुकार पर बंधे पर मौजूद स्थानीय गोताखोरों ने किसी तरह डूब रहे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। इस दौरान नरहर गांव के 50 वर्षीय सोहन तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर अरुण कुमार, सीओ धौरहरा श्रेष्ठा ठाकुर और फूलबेहड़ पुलिस मौके पर पहुंची। बंधे पर बचाव राहत के इंतजाम न होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। काफी देर तक बाढ़ पीड़ितों से नोकझोंक होती रही। समय पर एनडीआरएफ की टीम भी न पहुंचने से लोगों में रोष दिखा।