राजस्व विभाग का कारनामा: एसडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
राजस्व विभाग का एक और हैरतअंगेज कारनामा सामने आया है। एक सप्ताह पहले जमीन की फर्जी वरासत कराकर हड़पने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि भैरमपुर गांव में भी ऐसे ही एक कारनामे का खुलासा हुआ है। मोतीपुर गांव के किसान रामप्रसाद को छह साल पहले मरा दिखाकर उसकी भैरमपुर गांव में स्थित जमीन की वरासत दो महिलाओं ने फर्जी ढंग से अपने नाम करा ली। मामला तब खुला जब किसान ने सट्टे के लिए अपना इंतखाब निकलवाया । इसके बाद किसान ने एसडीएम से इसकी शिकायत की।
मोतीपुर गांव के किसान रामप्रसाद को बेलरायां चीनी मिल से गन्ने का सट्टा बनवाने के लिए इंतखाब की जरूरत थी। गुरुवार को उसने तहसील जाकर इंतखाब लिया तो यह देखकर वह दंग रह गया कि उसकी जमीन पर उसकी जगह भैरमपुर गांव की ही दो सगी बहनों सुमिरता और राजरानी पुत्री रामऔतार के नाम दर्ज थे। रामप्रसाद ने बताया कि उसके पिता श्यामलाल के नाम भैरमपुर गांव में डेढ़ एकड़ जमीन थी। उनकी मौत के बाद यह जमीन उसके और उसके भाई रामभरोसे के नाम वरासत के आधार पर दर्ज की गई। इस जमीन पर उसका और उसके भाई का ही लगातार कब्जा चला आ रहा है। अब तक जरूरत न पड़ने से उसने इसका इंतखाब नहीं लिया।
गुरुवार को इंतखाब पर अपना नाम गायब देखकर उसने एक वकील के जरिए पता लगाया तो उसको ज्ञात हुआ कि 26 जून 2010 में उसको मरा दिखाकर उसके हिस्से की जमीन इन दोनों महिलाओं ने अपने नाम बतौर वारिस दर्ज करा ली। आश्चर्यजनक तथ्य यह था कि इस वरासत का आदेश पिछली खेतौनी पर तो अंकित है लेकिन इसका कोई अभिलेख तहसील के कार्यालय में नहीं था। उसने इस संबंध में एसडीएम से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि वह खुद जीवित तो है ही उसके सुमिरता और राजरानी नामक कोई पुत्रियां भी नहीं हैं। उसके केवल एक लड़का अशोक कुमार है। एसडीएम ने शिकायत पर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि इससे पांच दिन पहले सिंगहा खुर्द गांव के मूलचंद की ढाई एकड़ जमीन भी एक व्यक्ति ने साल भर पहले उसको मृतक और खुद को उसका नाती दिखाकर अपने नाम दर्ज करा ली थी। इसके बाद इसमें से करीब तीन बीघा जमीन उसने सिंगाही के एक सपा कार्यकर्ता को बेच दी थी।
दो माह में यह तीसरा मामला संज्ञान में आया है। किसान को मरा दिखाकर जमीन की वरासत के जरिए फर्जी ढंग से अपने नाम दर्ज कराने की हेराफेरी की गई है। इसकी जांच करके दोषी लोगों समेत इसमें लिप्त पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। किसान की जमीन उसको वापस दिलाई जायेगी।
-रामप्रकाश, एसडीएम निघासन