एसटीएफ लखनऊ की टीम ने जिले में आतंक का पर्याय रहे थाना सिंगाही के गांव मांझा निवासी एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बग्गा सिंह को बुधवार की सुबह 45 मिनट तक चली मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया। बग्गा सिंह 10 सितंबर 2013 को कचहरी में सिपाही की हत्या कर फरार हो गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने मारे गए बदमाश के पास से .32 एमएम की पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने भी मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मारे गए बदमाश की शिनाख्त बग्गा सिंह के रूप में होने का दावा तो किया है, लेकिन पुलिस उसके परिवार वालों के आने का इंतजार कर रही है, इसलिए बुधवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा है।
एसटीएफ लखनऊ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि उन्हें करीब दो महीने से बग्गा सिंह की नेपाल बार्डर से लेकर बहराइच बार्डर के बीच लोकेशन मिल रही थी। इस पर चार दिनों से एक टीम नेपाल बार्डर तो दूसरी बहराइच बार्डर पर लगी हुई थी। मंगलवार की रात सूचना मिली कि बग्गा सिंह गजियापुुर-ढखेरवा मार्ग से बाइक से निकलेगा। इस पर टीम ने दुलही पुरवा साइफन से उत्तर तरफ उसकी घेराबंदी की थी। सुबह करीब 06:05 बजे बग्गा जब अपने एक साथी को बैठाकर बाइक से गुजरा तो टीम ने उसे रोकने की कोशिश की। इस पर बग्गा ने बाइक छोड़ दी और टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। बदमाश की गोली से टीम में शामिल दरोगा विनय बाल-बाल बच गए। गोली उनके दाएं हाथ के पास से निकल गई। इस पर टीम ने मोर्चा संभाला और ताबड़तोड़ फायरिंग की। टीम की गोली लगने से बग्गा वहीं पर ढेर हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। मुठभेड़ की सूचना पर निघासन, सिंगाही और तिकुनियां की पुलिस के साथ सीओ निघासन सविरत्न गौतम मौके पर पहुंच गए। टीम बग्गा को सरकारी जीप में सीएचसी लाई, जहां पर डॉ. अनिल वर्मा ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से बग्गा की हीरो स्पलेंडर बाइक को कब्जे में ले लिया। मुठभेड़ के बाद एसटीएफ और मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों तरफ से सड़क पर घेराबंदी कर बाइक के पास और घटनास्थल पर आने जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी। एसटीएफ के एएसपी नेे बताया कि पुलिस मारे गए बदमाश के घरवालों के आने का इंतजार कर रही है, इसलिए बुधवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा है। एसटीएफ की टीम में अपर पुलिस अधीक्षक के अलावा तीन दरोगा, दो कमांडो, दो सिपाही और दो चालक मौजूद थे।
फरार साथी की तलाश में
पुलिस टीम ने की कांबिंग
बग्गा के दूसरे साथी को तलाश करने के लिए सीओ सविरत्न गौतम की निगरानी में एसओ अजय यादव, पढुआ चौकी इंचार्ज डॉ. विपिन यादव, दरोगा एसडी भट्ठ ने कांबिंग की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। घटना स्थल पर पढुआ चौकी इंचार्ज, ढखेरवा चौकी इंचार्ज एनके यादव के अलावा सिंगाही और तिकुनियां पुलिस मौजूद रही।
घटनास्थल पर पड़ा मिला पिस्टल और अन्य सामान
सड़क के पश्चिम की तरफ से नहर पटरी होते हुए बग्गा बाइक चलाते हुए अपने साथी को बैठाकर आ रहा था। बाइक लेकर वह जैसे ही सड़क पर पहुंचा। बाइक फिसलने से वह सड़क के पूरब तरफ गड्ढे में जा गिरा, वहां वह एसटीएफ की गोली का शिकार हुआ। एसटीएफ ने वहीं से बग्गा का मफलर, टोपा, घड़ी और पिस्टल बरामद की है।