अगवा की गईं सगी बहनों के सलामत होने की दुआ परिवार ही नहीं पूरे क्षेत्र के लोग कर रहे हैं। मां मुन्नी देवी और पिता रामबली की आंखों के आंसू रोते-रोते सूख गए हैं। सभी लोगों की निगाहें पुलिस और एसटीएफ के जवानों पर टिकी हैं।
खैरीगढ़ में इतनी बड़ी वारदात ने सभी को हिलाकर रख दिया है।
खैरीगढ़ समेत पूरा क्षेत्र दहशत में जी रहा है। लोगों ने अपने घरों के बाहर रात के समय अलाव जलाना भी बंद कर दिया है। सूरज ढलते ही लोग घरों में दुबकने लगते हैं। कोई भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। गांव के लोग समूह बनाकर चल रहे हैं।
अगवा हुई बहनें उपमा, रोहिणी और संतोषी के पिता रामबली, मां मुन्नी देवी और मामा राजू गुप्ता समेत सभी लोग उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं। रामबली के घर में चूल्हा नहीं जला है। उनका बेटा किशन कुमार जो भी आता है उसकी तरफ आस भरी निगाह से देख रहा है। भले ही पुलिस ने जंगल में कांबिंग बंद कर दी हो, लेकिन गांव के लोग लाठी डंडों और लाइसेंसी हथियार लेकर जंगल में कांबिंग कर रहे हैं। अब भी पुलिस और एसटीएफ के जवानों पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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एसपी का दावा कुछ अहम सुराग लगे हाथ
एसपी अखिलेश चौरसिया का दावा है कि कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
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दो दर्जन से अधिक संदिग्ध लोग पुलिस हिरासत में
इस वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इन लोगों को पुलिस ने किस थाने में बंद किया है, इसे गोपनीय रखा गया है।
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एसटीएफ का कोई अता-पता नहीं
क्षेत्र और जंगल में एसटीएफ के काबिंग की सूचना है, लेकिन उसका कोई अता पता नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में करीब 40 से अधिक बाइक पर लोग तलाश कर रहे हैं, लेकिन एसटीएफ और पुलिस का नामोनिशान नहीं है।
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जंगल के चारों तरफ लगाई गई फोर्स
पुलिस के अनुसार जंगल के चारों तरफ 18 थानों की पुलिस को तैनात किया गया है। हालांकि यह पुलिस भी अभी तक ग्रामीणों को नहीं दिखी है।